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मुंबई में टाटा पावर 2029 तक बिजली नेटवर्क पर खर्च करेगी 15,000 करोड़

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मुंबई, 20 जून (हि.स.)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार बढ़ रही बिजली की मांग को देखते हुए टाटा पावर ने वर्ष 2029 तक बिजली नेटवर्क के आधुनिकीकरण पर 15 हजार करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बनाई है। इसके तहत विक्रोली से ट्रॉम्बे तक 400 केवी रिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

मुंबई में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में टाटा पावर प्रतिदिन औसतन 1,877 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराती है, जो शहर की कुल मांग का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा है। इस वर्ष मुंबई की अधिकतम बिजली मांग 4,642 मेगावाट दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2031 तक इसके 40 प्रतिशत बढ़कर 6,500 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। योजना के तहत मुंबई में 400 केवी का अत्याधुनिक बल्क पावर रिंग नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जो विक्रोली, धारावी, महालक्ष्मी, शिवड़ी और ट्रॉम्बे जैसे प्रमुख क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इस नेटवर्क को और मजबूत बनाने के लिए वर्ष 2031 तक 18 नए सब-स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा पावर को 250 मेगावाट जलविद्युत आधारित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना और 150 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना के लिए मंजूरी मिल चुकी है। कंपनी ने वर्ष 2031 तक अपनी कुल ऊर्जा आपूर्ति में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वच्छ ऊर्जा की करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। टाटा पावर अगले वर्ष तक 8 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

टाटा पावर के ट्रांसमिशन व मुंबई वितरण प्रमुख डॉ. निलेश काणे के अनुसार कंपनी बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। कंपनी की रणनीति का प्रमुख उद्देश्य कोयले पर निर्भरता कम करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना और बिजली आपूर्ति प्रणाली को अधिक लचीला बनाना है। वित्त वर्ष 2027 तक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की क्षमता 100 मेगावाट से बढ़ाकर 200 मेगावाट की जाएगी। इससे चौबीसों घंटे हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार