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उद्धव ठाकरे की विप सदस्यता को लेकर मविआ में संस्पेंस

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मुंबई, 26 मार्च (हि.स.)। महाराष्ट्र विधानपरिषद के 9 सदस्यों का कार्यकाल अगले महीने खत्म हो जाएगा। इस पृष्ठभूमि पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां सत्ताधारी महायुति का 9 में से 8 सीटों पर जीतना लगभग तय माना जा रहा है, वहीं एक सीट के लिए महाविकासआघाड़ी (मविआ) में खींचतान होने की संभावना है। क्या शिवसेना (ठाकरे गुट) केपक्षप्रमुख व पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दोबारा मौका मिलेगा. इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

राज्यसभाचुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे ने शरद पवार का समर्थन किया था और पार्टी की प्रियंकाचतुर्वेदी की दावेदारी वापस ले ली थी। एनसीपी ने कांग्रेस की नाराजगी दूर करते हुएपवार को राज्यसभा भेजने में कामयाबी हासिल की। अब उसी फॉर्मूले के मुताबिक, ठाकरे गुट को विधान परिषद के लिए मौका देनेकी मांग की गई है। पार्टी सांसद संजय राऊत इस बारे में पहले ही अपनी बात कह चुके हैं।

संख्याके हिसाब से महाविकास आघाड़ी में ठाकरे गुट के पास 20 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 16 और एनसीपी(एसपी) के के 10 विधायक हैं। जीत के लिए 29 वोटों की जरूरत होगी। एनसीपी का समर्थन मिलने पर ठाकरे की राह आसान हो जाएगी। राज्यसभा के बदले में ठाकरे गुट को एनसीपी से उम्मीदें हैं। हालांकि कांग्रेस का रूख क्या होगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। इस बीच क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार