सुमित राघवन ने की छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा
मुंबई, 24 जुलाई (हि.स.)। फिल्म अभिनेता सुमित राघवन ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के खिलाफ दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि छात्रों से बातचीत करने के बजाय आखिर प्रशासन ने उन पर बल प्रयोग क्यों किया।
सुमित राघवन ने कहा कि सवाल पूछने पर देश का नाम खराब होता है। महाराष्ट्र में भी सवाल पूछने पर कहा जाता है कि राज्य की बेइज्जती होती है। लेकिन अगर कोई पुल गिर जाए, डॉक्टरों को पीटा जाए या बाढ़ की स्थिति में नागरिकों को दिन-ब-दिन बिजली न मिले, तो क्या यह बेइज्जती नहीं है?
उन्होंने आगे कहा कि यह लोकतंत्र है या नहीं? विद्यार्थियों की क्या गलती थी? शासन- प्रशासन को प्रोटेस्ट के बारे में पहले से पता था, तो उन्होंने छात्रों से बात क्यों नहीं की? बातचीत करने के बजाय, लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए। ये हमारे देश के बच्चे हैं। उन्हें आतंकवादी कहना बहुत गलत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

