जिले में फ्यूल पर्याप्त, कालाबाजारी से बचे - ठाणे डीएम पंचाल
मुंबई , 29 मई (हि. स.)। ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने अपील की है कि ठाणे ज़िले में पेट्रोल और डीज़ल का काफ़ी स्टॉक है और लोगों को किसी भी अफ़वाह पर यकीन नहीं करना चाहिए। ज़िले में फ़्यूल की कमी न हो और इसकी कालाबाजारी रुके, इसके लिए ठाणे जिला प्रशासन ने अब बहुत कड़े कदम उठाए हैं।
आज 29 मई 2026 को, ज़िला कलेक्टर की अध्यक्षता में डिप्टी कलेक्टर (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन) रूपाली भालके, बड़ी तेल कंपनियों एचपीसीएल,बीपीसीएल एलओसीएल आईओसीएल के डिपो मैनेजर, डिवीज़नल सेल्स ऑफ़िसर, साथ ही रिलायंस जियो और नायरा पेट्रोल पंप के रिप्रेज़ेंटेटिव और सीनियर सरकारी अधिकारियों के साथ एक ज़रूरी समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में ज़िले में ईंधन प्रदाय को ठीक से बनाए रखने पर विस्तार में चर्चा हुई। अभी ठाणे जिले में सभी कंपनियों का कुल 3,260 किलोलीटर पेट्रोल और 1,388 किलोलीटर डीज़ल उपलब्ध है। अगर कंपनी के हिसाब से देखें तो एचपीसीएल के पास 1,626 किली पेट्रोल और 1,772 किली डीज़ल, बीपीसीएल के पास 401 किली पेट्रोल और 996 किली डीज़ल, IOCL के पास 990 किली और 1,385 किली, नायरा के पास 136 KL किली और 80 किली डीज़ल, जबकि रिलायंस के पास 107 किली किली और 85 किली डीज़ल है। उल्लेखनीय है कि अब बिना गाड़ी के प्लास्टिक ड्रम, कैन या बोतल में फ्यूल मांगने वाले कस्टमर की पूरी जानकारी पंपों पर एक खास रजिस्टर में रखनी होगी। इसमें कस्टमर का नाम, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र, फ्यूल खरीदने का कारण, इस्तेमाल की जगह और फोटो जैसे रिकॉर्ड मोबाइल में सेव करना ज़रूरी कर दिया गया है। दूसरी तरफ, अलग-अलग ज़रूरी संस्थाओं और कामों को पहले की तरह आसानी से फ्यूल सप्लाई करने का भी प्लान बनाया गया है।इधर कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियां, इंडस्ट्रियल कंपनियां, सरकारी कंस्ट्रक्शन के काम, मेट्रो और एमएस आरडीसी (MSRDC ) डिस्ट्रिक्ट ऑफिस को लेटर लिखकर मांग कर रहे हैं। ऐसी संस्थाओं को उनकी ज़रूरत के हिसाब से और उनके पिछले इस्तेमाल को देखते हुए पेट्रोल और डीज़ल दिया जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंप चलाने वालों को हाउसिंग सोसाइटियों से डिमांड लेटर, किसानों से 7/12 और सरकारी काम करने वाली संस्थाओं से वर्क ऑर्डर लेकर उन्हें पहले की तरह फ्यूल सप्लाई करने का ऑर्डर दिया गया है। जमाखोरी रोकने के लिए ठाणे जिले में एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया है। कलवा और शहापुर तहसील के कसारा में डीज़ल का गैर-कानूनी स्टोरेज मिलने पर केस दर्ज किए गए हैं। आगे ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सभी सब-डिविजनल ऑफिसर, तहसीलदार, पुलिस डिपार्टमेंट और ऑयल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर की एक जॉइंट विजिलेंस टीम बनाई गई है। यह टीम पेट्रोल पंपों का सरप्राइज इंस्पेक्शन करेगी। ठाणे शहर, नवी मुंबई, मीरा भयंदर के पुलिस कमिश्नर और ठाणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट को भी अपने इलाके में पेट्रोल और डीज़ल टैंकरों की जांच के लिए स्पेशल टीम बनाने का आदेश दिया गया है। अगर ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कहीं भी ब्लैक मार्केटिंग या जमाखोरी पाई जाती है, तो संबंधित डिपार्टमेंट को सीधे एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट, 1955 के तहत केस दर्ज करने और डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद अनुशासन का पालन करके फ्यूल बचाने के उपाय करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

