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विद्यार्थियों का हल्का होगा स्कूल बैग

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मुंबई, 03 सितंबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को भारी बस्ते से राहत देने का फैसला किया है। अब किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उनके शरीर के वजन के 10 फीसदी से अधिक नहीं होगा। इस संबंध में सभी सरकारी, अनुदानित व गैर अनुदानित और निजी स्कूलों के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है।

नियमों का उल्लंघन करने वाले शिक्षा संस्थानों को सरकारी सहायता में कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस निर्देश के बाद स्कूलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। स्कूल शिक्षा आयुक्त की ओर से जारी निर्देश में स्कूलों को कहा गया है कि वे अपनी कक्षा की समय-सारिणी इस तरह तैयार करें, जिससे विद्यार्थियों को हर दिन जरूरत की ही किताबें, कॉपियां और पढ़ाई से जुड़ी अन्य सामग्री स्कूल लानी पड़े। इससे स्कूल बैग का वजन कम करने में मदद मिलेगी। यह निर्देश केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से 11 अगस्त को जारी बस्ता वजन कम करने संबंधी दिशा-निर्देशों के आधार पर दिया गया है। इन दिशा-निर्देशों में स्कूलों को विद्यार्थियों के बस्ते के वजन की नियमित निगरानी करने और भारी बस्ता उठाने से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया है। लंबे समय से अभिभावक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोग भारी बस्ते की समस्या उठाते रहे हैं। अब स्कूलों को तय सीमा के अनुसार बस्ते का वजन सुनिश्चित करना होगा।

स्कूल बैग नीति 2020 के तहत स्कूलों को नियमित रूप से विद्यार्थियों के बस्तों का वजन जांचना और स्कूल परिसर में इसके लिए उचित व्यवस्था करना आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार