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ठाणे में बाल विद्यार्थियों ने पर्यावरण हेतू वन उत्सव सप्ताह मनाया

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ठाणे में बाल विद्यार्थियों ने पर्यावरण हेतू वन उत्सव सप्ताह मनाया


ठाणे में बाल विद्यार्थियों ने पर्यावरण हेतू वन उत्सव सप्ताह मनाया


मुंबई,09 जुलाई ( हि,.स.) । एक प्रेरणा देने वाले माहौल में, जहाँ हरे-भरे सपनों को पंख लगने चाहिए और हर बच्चे के हाथ से प्रकृति को नई जान मिलनी चाहिए, ठाणे (ईस्ट) के P.E.S. ग्लोबल स्कूल में वन उत्सव सप्ताह (फॉरेस्ट फेस्टिवल वीक) कई गतिविधियों के साथ जोश के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों में पर्यावरण बचाने, पेड़ बचाने और प्रकृति के प्रति प्यार की भावना को मज़बूत करने के मकसद से, पूरे हफ़्ते पेंटिंग, पोस्टर बनाना, पेड़ लगाना और गमले सजाने जैसी कई गतिविधियां आयोजित की गईं।

विद्यालय के पहले दो घंटों में कक्षा अध्यापक के मार्ग दर्शन में सभी कार्यक्रम किए गए। क्लास I और II के विद्यार्थियों के लिए 'पेड़ हमारे दोस्त हैं' टॉपिक पर पेंटिंग और कलरिंग कॉम्पिटिशन हुआ। क्लास III से V के विद्यार्थियों ने 'पेड़ बचाओ - धरती बचाओ' टॉपिक पर आकर्षक पोस्टर बनाकर पर्यावरण बचाने का असरदार मैसेज दिया।

क्लास 6 के विद्यार्थियों ने स्कूल कैंपस में पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की कसम खाई। क्लास VII से IX के विद्यार्थियों के लिए हुए प्लांट पॉट डेकोरेशन कॉम्पिटिशन में विद्यार्थियों ने क्रिएटिव तरीके से सजाए गए गमलों के ज़रिए ग्रीन लाइफस्टाइल का मैसेज दिया।

आज, बढ़ता पॉल्यूशन, क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल वार्मिंग और तेज़ी से घटते ग्रीन एरिया पूरी दुनिया के सामने गंभीर चैलेंज हैं। ऐसे में, स्कूलों के लिए यह समय की ज़रूरत है कि वे बचपन से ही विद्यार्थी के मन में पर्यावरण कंजर्वेशन के बारे में जागरूकता पैदा करें, ऐसा PEST सोसाइटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अल्हड़ जोशी ने कहा।

वन महोत्सव वीक के खत्म होने पर, स्टूडेंट्स ने मिलकर पेड़ बचाने, एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन और एक क्लीन, ग्रीन इंडिया बनाने में एक्टिवली कंट्रीब्यूट करने का वादा किया। विद्यार्थियों ने कहा कि इस इनिशिएटिव के ज़रिए पर्यावरण सुरक्षा का संदेश सिर्फ़ शाला तक ही लिमिटेड नहीं रहना चाहिए, बल्कि सोसायटी तक पहुँचना चाहिए।

पीईएसटी सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक अल्हड़ जोशी का कहना है कि-किताबें ज्ञान देती हैं, लेकिन प्रकृति इंसान को जीने का ज्ञान सिखाती है। इसलिए, हर विद्यार्थी को पेड़ों से दोस्ती करनी चाहिए और एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा