वायु प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई
मुंबई, 05 मार्च (हि.स.)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर राज्य सरकार सख्त हो गई है। राज्यमंत्री माधुरी मिसाल ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि मुंबई में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर वायु प्रदूषण मापने वाले डिवाइस लगाए जा रहे हैं। धूल नियंत्रण के उपाय किए जा रहे हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
भाजपा की मनीषा चौधरी व अन्य विधायकों ने प्रश्नकाल के दौरान मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि निर्माणकार्य स्थलों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। इसके जवाब में राज्यमंत्री माधुरी ने कहा कि राज्य सरकार मुंबई में बढ़ते एयर पॉल्यूशन की समस्या को नियंत्रित करने के लिए गंभीर है। हाई कोर्ट के निर्देशानुसार निर्माणकार्य परियोजनाओं के लिए तय नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। परियोजनाओं पर वायु प्रदूषण मापने वाले डिवाइस और एलईडी फ्लैशर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। 16 फरवरी, 2025 तक, मुंबई मनपा ने कुल 21,224 कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में से 19,521 जगहों पर ये डिवाइस लगा दिए हैं।
राज्य मंत्री ने कहा कि मुंबई में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स पर लगे प्रदूषण मापने वाले डिवाइस का PM 2.5 और PM 10 डेटा लोगों को देने के लिए डैशबोर्ड तैयार हैं। तकीनीकी प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,400 कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स को काम रोकने का नोटिस जारी किया गया है। शहर में बिना परमिट के कचरा, मलबा डालने वालों पर जुर्माना लगाया जा रहा है। 'मुंबई एयर पॉल्यूशन एबेटमेंट स्कीम के तहत 25-सूत्री गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसमें कंस्ट्रक्शन साइट्स पर फेंसिंग, हरे कपड़े से कवरिंग, पानी का छिड़काव और सड़क की सफाई जैसे उपायों को ज़रूरी कर दिया गया है।
राज्य मंत्री माधुरी ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 345 लकड़ी व, कोयले से चलने वाले भट्टी, पावभाजी स्टॉल और श्मशान घाटों को पीएनजी या इलेक्ट्रिक फ्यूल में बदल दिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने निर्देश दिया कि मुंबई में बढ़ते प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए, मुंबई मनपा को प्रदूषण की विस्तृत समीक्षा करनी चाहिए और इसी सत्र में रिपोर्ट पेश करनी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

