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दौरे के लिए दिखावटी विकास के काम बंद करें-डॉ प्रशांत पर्यावरणविद

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दौरे के लिए दिखावटी विकास के काम बंद करें-डॉ प्रशांत पर्यावरणविद


दौरे के लिए दिखावटी विकास के काम बंद करें-डॉ प्रशांत पर्यावरणविद


मुंबई,05 मार्च ( हि.स.) । पर्यावरणविद डॉ. प्रशांत सिनकर ने मांग की है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खास मेहमानों के दौरे से पहले होने वाली टेम्पररी पेंटिंग, एक दिन के दिखावटी सफाई अभियान और थोड़े समय की मरम्मत को तुरंत बंद करें और इसके बजाय स्थाई पारदर्शी, और उच्च गुणवत्ता वाले विकास के कामों को प्राथमिकता दें।

जब किसी खास मेहमान के किसी इलाके में दौरे की घोषणा होती है, तो कुछ ही दिनों में उस इलाके की कायापलट हो जाती है। सालों से अनदेखी की गई सड़कों की अचानक मरम्मत की जाती है, दीवारों पर पेंट किया जाता है, चौराहों को सुंदर बनाया जाता है, टूटे फुटपाथों को ठीक किया जाता है और लाइटिंग को बेहतर बनाया जाता है। कुछ घंटों के दौरे के लिए पूरा प्रशासन युद्धस्तर पर काम करता हुआ दिखता है।

हालांकि, दौरा खत्म होने के कुछ ही दिनों में गड्ढे, टूटे फुटपाथ, गंदगी और अनदेखी की तस्वीर सामने आ जाती है। इस पर डॉ. सिनकर ने कहा कि विकास पत्र कुछ घंटों के पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि लोगों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए होना चाहिए। यह प्रशासन की बेसिक ज़िम्मेदारी है कि सड़कें, पानी की सप्लाई, सफ़ाई सिस्टम और लाइटिंग जैसी सुविधाएँ पूरे साल अच्छी हालत में रहें।

इसके साथ ही, एक दिन के शानदार सफ़ाई ड्राइव चलाए जाते हैं। कैमरों के सामने झाड़ू घुमाई जाती है और कुछ ही घंटों में इलाका चमकने लगता है; लेकिन अगले ही दिन कूड़े और गंदगी के ढेर वापस आ जाते हैं। सफ़ाई सिर्फ़ एक कैंपेन नहीं है, बल्कि यह एक लगातार चलने वाला सिस्टम होना चाहिए और लोगों की आदतों से जुड़ा होना चाहिए।

अस्थाई पेंटिंग, मरम्मत और शानदार गतिविधियों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। यह कोष लोगों की मेहनत की कमाई से इकट्ठा किया जाता है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि फंड का इस्तेमाल कम समय की सजावट के लिए न किया जाए, बल्कि दूर दृष्टि और सतत आधारभूत संरचना पर खर्च किया जाए, यह भी उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजे बयान में कहा। मांग की गई है कि राज्य प्रशासन एक साफ़ नीति बनाए, टूर के लिए कामचलाऊ सजावट बंद करे और हर शहर में साल भर बेसिक सुविधाएं बनाए रखने के लिए ज़रूरी निर्देश जारी करे।

डॉ प्रशांत ठाणे के पर्यावरणविद ने कहा है कि “टूर के लिए कोई दिखावटी सिस्टम नहीं, बल्कि ज़िम्मेदार और सतत विकास ही असली लोगों को ध्यान में रखकर किया जाने वाला काम होना चाहिए,”

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा