home page

समृद्धि महामार्ग की लूट की जांच के लिए एसटीएफ गठित, ट्रांसपोर्टरों ने माना मुख्यमंत्री फडणवीस का आभार

 | 

मुंबई, 02 सितंबर (हि.स.)। मुंबई–नागपुर समृद्धि महामार्ग पर हाल के दिनों में हुई लूट की घटनाओं की जांच के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विशेष कार्यबल (एसटीएफ) गठित किए जाने का ट्रांसपोर्टरों ने स्वागत किया है।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार बाल मलकित सिंह ने कहा कि यह निर्णय ट्रांसपोर्ट द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही गंभीर सुरक्षा चिंताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और सकारात्मक पहल को दर्शाता है। 1 जून, 17 जुलाई और 10 अगस्त 2026 को प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से समृद्धि महामार्ग पर ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों की सुरक्षा, लूट, वाहन खराब होने पर सहायता, हाईवे पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाया था। इस गंभीरता को समझते हुए एसटीएफ गठित करने के निर्णय का हम स्वागत करते हैं। हमने लगातार सरकार को जमीनी हकीकत और ड्राइवरों में व्याप्त भय से अवगत कराया था। एसटीएफ का गठन एक महत्वपूर्ण कदम है, अब हमारी अपेक्षा है कि सभी दोषियों की शीघ्र पहचान कर गिरफ्तारी हो। समृद्धि महामार्ग पर स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

दरअसल हाल में समृद्धि महामार्ग के कुछ संवेदनशील हिस्सों पर लूट की घटनाओं में अपराधियों द्वारा कथित रूप से सड़क पर कील या नुकीली वस्तुएं डालकर वाहनों को पंचर करने, वाहन रुकवाने और उसके बाद ड्राइवरों और यात्रियों पर हमला कर लूट के मामले सामने आए हैं। समृद्धि महामार्ग महाराष्ट्र की प्रतिष्ठित परियोजना होने के साथ-साथ देश के माल परिवहन और यातायात के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है। इस रोड से यात्रा करने वाले हर ड्राइवर और नागरिक को भरोसा होना चाहिए कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो। संवेदनशील स्थानों पर 24x7 पेट्रोलिंग, प्रभावी सीसीटीवी निगरानी, क्विक रिस्पॉन्स टीम, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और इमरजेंसी सहायता को स्थायी व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

सिंह ने कहा कि एसटीएफ को केवल जांच तक सीमित न रहते हुए, पूरे आपराधिक नेटवर्क, उसके तौर-तरीकों, सहयोगियों और अपराधियों के भागने के मार्गों की भी गहन जांच करनी चाहिए। हमारे ड्राइवर दिन-रात आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करते हैं। उन्हें लूट, हमले या हाईवे पर असुरक्षित होने के डर के बीच काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हमें उम्मीद है कि STF की जांच शीघ्र अपने तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। समृद्धि महामार्ग का समग्र सुरक्षा ऑडिट कराने, संवेदनशील क्षेत्रों, प्रवेश व निकास मार्गों, सीसीटीवी ब्लाइंड स्पॉट और अन्य जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी चाहिए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार