बेड के हिसाब से सरकारी अस्पतालों में बढ़ेंगे पोस्ट
मुंबई, 17 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और उनसे जुड़े अस्पतालों में बढ़ते मरीजों के दबाव को देखते हुए पोस्ट निर्मित किए जाएगें। इसके लिए संशोधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा। यह जानकारी मेडिकल शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने बुधवार को दी।
मंत्री मुश्रीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के सरकारी अस्पतालों में बढ़ाए गए बेड की समीक्षा की गई। इस मौके पर मेडिकल शिक्षा आयुक्त अनिल भंडारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे। मुश्रीफ ने बताया कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में हर साल एक करोड़ से अधिक आउटपेशेंट और 10 लाख से ज्यादा इनपेशेंट की सेवा की जाती है। इन अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मौजूदा मैनपावर पर दबाव है। इसलिए मरीजों की सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने और शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए और पोस्ट की जरूरत है।
मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े अस्पताल नेशनल मेडिकल कमीशन और आईपीएचएस के नियमों के हिसाब से काम कर रहे हैं। मरीज़ों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक मैनपावर उपलब्ध कराना समय की मांग है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मरीजों को अच्छी और तुरंत हेल्थकेयर मिले। मेडिकल छात्रों को बेहतरीन प्रशिक्षण मिले। एक बेहतर संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया है। वित्त विभाग के साथ बातचीत के बाद इस प्रस्ताव को और बेहतर बनाया जाएगा। पोस्ट बनाने से डॉक्टर, प्रोफेसर, नर्स, टेक्नीशियन और दूसरे सपोर्टिंग स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे मरीज़ों की सेवा अधिक असरदार होगी। प्रस्ताव को जल्द से जल्द फाइनल करने और जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

