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विद्यालय विद्यार्थी के सुनहरे भविष्य क़ी बुनियाद -शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे

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विद्यालय विद्यार्थी के सुनहरे भविष्य क़ी बुनियाद -शिक्षा मंत्री दादाजी भूसे


मुंबई , 15 अक्टूबर (हि. स.) I राज्य विद्यालय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे के ठाणे ज़िले के दौरे के दौरान, ‘लेट्स गो टू स्कूल’ कैंपेन के तहत स्कूलों का दौरा किया गया और शिक्षा विभाग के काम का अवलोकन किया गया। जिला नियोजन समिति सभाग्रह में हुई मीटिंग में स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचर्स की मौजूदगी, खाली पोस्ट, स्कूल की जगह और बिल्डिंग, फंड की ज़रूरत और विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देने से जुड़े अलग-अलग मामलों पर चर्चा हुई। इस मौके पर, होनहार विद्यार्थियों , आइडियल टीचर्स और विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि को शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे ने सम्मानित किया।

“स्कूल एक ज़रूरी संस्था है जो स्टूडेंट्स के सुनहरे भविष्य की नींव रखती है। चाहे ग्रामीण इलाके हों या शहरी, यह हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि हर स्टूडेंट को अच्छी शिक्षा और ज़रूरी पढ़ाई की सुविधाएँ मिलें। ‘चलो स्कूल चलें’ कैंपेन के ज़रिए, स्कूलों में सीधे जाकर वहाँ की समस्याओं को समझना, टीचरों और स्टूडेंट्स से बातचीत करना और लोकल लेवल के मुद्दों को हल करने के लिए मिलकर कोशिश करना ज़रूरी है।

“स्कूल एक ज़रूरी संस्था है जो विद्यार्थी के सुनहरे भविष्य की नींव रखती है। हर स्टूडेंट को अच्छी शिक्षा, हेल्थ सुविधाएँ और पढ़ाई में तरक्की के लिए बराबर मौके मिलने चाहिए। स्टूडेंट्स की हेल्थ का ध्यान रखने के लिए उनके हेल्थ कार्ड बनाए जाएँगे। साथ ही, एजुकेशन सिस्टम में खाली पोस्ट भरने की कोशिश की जाएगी। ठाणे ज़िले में एजुकेशन सेक्टर में लागू की गई कोशिशें राज्य के लिए एक मॉडल बन रही हैं, और यहाँ अच्छी कोशिशों को राज्य लेवल पर लागू करने की कोशिश की जाएगी।

ज़िला परिषद, ठाणे के तहत लागू की गई ‘मिशन भरारी’ और ‘मिशन स्कॉलरशिप’ पहल विद्यार्थियों की पढ़ाई की क्वालिटी को बढ़ावा देने और उनके टैलेंट को स्कोप देने में ज़रूरी हैं। 'चलो स्कूल चलें' कैंपेन के ज़रिए स्कूलों में समस्याओं को पहचानने और उन्हें हल करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर, बिल्डिंग की मरम्मत, ज़रूरी फंड और टीचरों की उपलब्धता के बारे में संबंधित विभाग मिलकर काम करें। शिक्षकों को पढ़ाने के लिए अच्छा माहौल देना, विद्यार्थियों की पढ़ाई में तरक्की पर ध्यान देना और स्कूलों की गुणवत्ता सुधारना सरकार, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, टीचरों और माता-पिता की मिली-जुली ज़िम्मेदारी है। स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर दादाजी भुसे ने कहा, सरकार यह पक्का करने के लिए कमिटेड है कि हर विद्यार्थी को अच्छी एजुकेशन मिले और शिक्षा क्षेत्र में ठाणे जिले काप्रदर्शन राज्य के लिए प्रेरणादायक हो।

मीटिंग में ठाणे जिले के तहसील और म्युनिसिपल एरिया में कुल 4,789 स्कूल, 17 लाख 15 हजार 128 विद्यार्थियों और 50 हजार 277 टीचर की जानकारी दी गई। बताया गया कि शैक्षिनिक वर्ष 2026-27 में जिला परिषद के तहत 1,325 प्राथमिक विद्यालय में 66 हजार 408 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, और उनके लिए 3,166 अध्यापक काम कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा