एफडीए के निशाने पर स्कूलों की कैंटीन व मिड-डे मील
मुंबई, 11 जुलाई (हि.स.)। गुटखा दवा और मिलावट खेलों के खिलाफ कड़ी करने के बाद अब अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) के निशाने पर स्कूलों की कैंटीन और मिड डे मील है। विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एफडीए ने मुंबई के निजी स्कूलों के कैंटीनों और मिड-डे मील उपलब्ध कराने वाले किचन शेड की जांच अभियान तेज कर दिया है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। इस अभियान में शिक्षा अधिकारियों, स्कूलों के प्रधानाचार्य और बचत समूहों के संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2020 का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।एफडीए के सहायक आयुक्त पीआर सिंगरवाड के अनुसार स्कूल स्तर पर खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और छात्रों को संतुलित व पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। यदि किसी स्कूल या मिड-डे मील केंद्र में मानकों की अनदेखी पाई गई तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुंबई पश्चिम उपनगर की दो निजी स्कूलों के कुछ अभिभावकों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर आरोप लगाया है कि स्कूल कैंटीनों में बच्चों को पिज्जा, बर्गर और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थ परोसे जा रहे हैं, जो मोटापे को बढ़ावा देते हैं। हालांकि संबंधित स्कूलों का पक्ष सामने नहीं आ सका। पश्चिम विभाग के शिक्षा निरीक्षक संजय जावीर ने कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई के अधिकार विभाग के पास हैं और स्कूलों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

