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टीएमसी में 10 वर्षों में सैकड़ों करोड़ का घोटाला-विधायक केलकर

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मुंबई,24 मार्च ( हि.स.) । ठाणे के विधायक संजय केलकर ने आज जारी बयान में टीएमसी पर आरोप लगाया है कि पिछले10 सालों में लगभग 600 करोड़ की वसूली लायक रकम वसूल नहीं हुई है, जबकि बड़े डेवलपर्स को छोड़ दिया गया है। जबकि ठाणे महानगर पालिका को दिए गए दस हज़ार करोड़ के फंड के इस्तेमाल में गड़बड़ियां हुई हैं, जबकि ठाणे महानगर पालिका के पास लगभग 15 हज़ार करोड़ की अचल संपत्ति है और उसने कुछ खास लोगों और संस्थाओं को एक रुपये का मामूली किराया देकर बड़ा भ्रष्टाचार किया है, ऐसा आरोप विधायक संजय केलकर ने ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मामलों की हाई-लेवल जांच की मांग की है।

विधानसभा में जॉइंट प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए विधायक संजय केलकर ने ठाणे मनपा में पिछले दस सालों में हुए भ्रष्टाचार को आंकड़ों के साथ उजागर किया और मनपा की हाई-लेवल जांच की मांग की। 2021 से 2025 के बीच ठाणे मनपा को केंद्र और राज्य की अलग-अलग योजनाओं से दस हज़ार करोड़ मिले। लेकिन, नगर निगम यह जवाब नहीं दे पाया है कि साढ़े तीन हज़ार करोड़ कैसे खर्च हुए। बार-बार मांग करने के बाद तीन साल का ऑडिट कराया गया, लेकिन ठाणे के विधायक केलकर ने आरोप लगाया कि यह अधूरा है।

एक तरफ नगर निगम ने सरकार से परिवहन सेवाओं के लिए 364 करोड़ रुपये मांगे हैं, यह कहते हुए कि विकास के काम करने के लिए खजाने में पैसे नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़े डेवलपर्स को 600 करोड़ रुपये की वसूली की रकम वसूले बिना छोड़ दिया है। ठाणे के विधायक केलकर ने बताया कि बिटकॉइन इंडिया को 1.4 करोड़ रुपये, टेक्निकल कंसल्टेंट को ज़्यादा दिए गए 1.87 करोड़ रुपये और मोबाइल टावर कंपनियों के 24 करोड़ रुपये बकाया होने का भी ज़िक्र किया। उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर भी दिलाया कि नगर निगम बड़े डेवलपर्स और कंपनियों से सैकड़ों करोड़ रुपये वसूले बिना झुग्गी-झोपड़ियों और बीएसयूपी के निवासियों को नोटिस जारी कर रहा है।

ठाणे नगर निगम के पास शहर में लगभग 15 हज़ार करोड़ रुपये की संपत्ति है, और उन्हें कुछ खास लोगों और संस्थाओं को एक रुपये के मामूली सालाना किराए पर दिया गया है। विधायक संजय केलकर ने आरोप लगाया कि यह प्रॉपर्टी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के लिए इनकम का एक ज़रूरी सोर्स है, लेकिन इसका इस्तेमाल कोई तीसरी पार्टी कर रही है और लाखों रुपये कमा रही है, और इस डिपार्टमेंट के लिए एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

डेवलपर्स ने उन फ्लैट्स को भी गैर-कानूनी तरीके से बेच दिया जो एफएसआई बढ़ाने के बदले म्हाडा को दिए जाने थे। लेकिन म्हाडा और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने सभी संबंधित डेवलपर्स के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया है। विधायक केलकर ने यह भी बताया कि ठाणे जेल, जो एक ऐतिहासिक किला है, उसे डेवलपर्स के फायदे के लिए शिफ्ट करने की कोशिशें हो रही हैं और फंड होने के बावजूद कर्मचारियों के घरों का मामला पेंडिंग रखा गया है।

डीडीआर ऑफिस को दलाल मुक्त बनाया जाए और डीम्ड कन्वेयन्स का मामला सुलझाया जाए, मिनी क्लस्टर स्कीम लागू की जाएं, येउर और कोलशेत, जो एयरफोर्स स्टेशन हैं, उसमें निर्मित गैर-कानूनी निर्माण कार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए, अनुबंधित श्रमिकों को रोजी रोटी व बीमा , वगैरह दिया जाए, बंद कंपनियों में सैकड़ों वर्कर्स को बकाया पेमेंट के बारे में कोई ठोस पॉलिसी बनाई जाए, 10 लाख रुपये का किराया न देने वाले डेवलपर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा