एसटी बैंक में घोटाला, उच्चस्तरीय जांच की मांग
मुंबई, 17 अक्टूबर (हि.स.)। एसटी कर्मचारियों की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले स्टेट ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के बचत खातों से लाखों रुपए के घोटाले का आरोप लगा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
बैंकिंग सॉफ्टवेयर में तकनीकी छेड़छाड़ का आरोप लगा है। इससे 63 हजार खाताधारकों की गाढ़ी कमाई पर संकट निर्माण हो सकता है। महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने बैंक के सभी बचत खातों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने और संदिग्ध लेन-देन की उच्चस्तरीय जांच करने की मांग की है। बैंक से करीब 63 हजार सदस्य जुड़े हैं और यहां 1,900 करोड़ रुपए से अधिक की जमा पूंजी के साथ लगभग 4 लाख बचत खाते संचालित हैं। आरोप है कि बैंक में अस्थायी तौर पर रखे गए 170 से ज्यादा कर्मचारियों के जरिए यह कथित गड़बड़ी कराई गई है। श्रीरंग बरगे का दावा है कि कुछ चुनिंदा बचत खातों में फर्जीवाड़ा करने के लिए बैंकिंग सॉफ्टवेयर सिस्टम से छेड़छाड़ की गई है। बैंक के कुछ अधिकारी इसमें शामिल हैं।
सहकारिता विभाग के सात वरिष्ठ अधिकारियों का विशेष जांच दल आने वाले बुधवार को बैंक का दौरा करने वाला है। कर्मचारी यूनियन ने मांग की है कि जांच दल केवल कागजी औपचारिकता न निभाए, बल्कि संदिग्ध खातों, फंड ट्रांसफर की कमियों, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में हुई छेड़छाड़ और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की तह तक जाकर पड़ताल करे।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

