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कोऑपरेटिव सेक्टर को बचाना बड़ी चुनौती- हर्षवर्धन सपकाल

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मुंबई, 04 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि देश और राज्य के विकास में कोऑपरेटिव सेक्टर का बड़ा योगदान रहा है। लेकिन मौजूदा समय में कोऑपरेटिव सेक्टर कई चुनौतियों का सामना कर रहा है और उन्हें बनाए रखना ज़रूरी है।

सपकाल रविवार को मुंबई स्थित पार्टी के तिलक भवन कार्यालय में कांग्रेस के कोऑपरेटिव डिपार्टमेंट की तरफ से आयोजित एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव सेक्टर को बनाने में कांग्रेस का बड़ा योगदान रहा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कोऑपरेटिव के जरिए देश के विकास का सपना देखा था। इसके जरिए चीनी मिलों, कोऑपरेटिव बैंकों, क्रेडिट सोसाइटियों और हाउसिंग सोसाइटियों का एक नेटवर्क बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समय में कोऑपरेटिव सेक्टर के सामने संकट खड़ा हो गया है। कोऑपरेटिव बैंकों और क्रेडिट सोसाइटियों को मज़बूत बनाने के लिए एक आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत है।

वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि यशवंतराव चव्हाण ने महाराष्ट्र में कोऑपरेटिव आंदोलन के विकास में बड़ा योगदान दिया है। चव्हाण का सपना था कि किसान सिर्फ़ खेती ही न करें बल्कि कोऑपरेटिव के ज़रिए इंडस्ट्री भी लगाएं। इस आंदोलन से चीनी फैक्ट्रियां, स्पिनिंग मिलें, मिल्क यूनियन और बैंक बने। साल 1970 से 1995 के बीच कोऑपरेटिव ने महाराष्ट्र में एक बड़ा आर्थिक बदलाव लाया। थोरात ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए कोऑपरेटिव सेक्टर को और मज़बूत बनाने की अपील की।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार