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दमकल कर्मियों के लिए 16 करोड़ की सुरक्षा सामग्री

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मुंबई, 30 अगस्त (हि.स.)। मुंबई जैसे महानगर में आग की घटनाओं, इमारत दुर्घटनाओं, रेल हादसों अथवा किसी भी अन्य आपात स्थिति में लोगों की जान-माल बचाने के लिए फायर ब्रिगेड के जवान 24 घंटे तैनात रहते हैं। ऐसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मुंबई महानगरपालिका ने अब अत्याधुनिक 'स्व-सुरक्षा उपकरण संच' खरीदने का फैसला किया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय और भारतीय मानकों के अनुरूप कोट, ट्राउजर, हुड और ग्लव्स के 2,176 सेट शामिल हैं। इसके लिए करीब 15 करोड़ 99 लाख 96 हजार 249 रुपये का ठेका देने का प्रस्ताव प्रशासन स्थायी समिति की मंजूरी के लिए जल्द पेश किया जाएगा।

सामग्री की आपूर्ति से पहले मान्यता प्राप्त तृतीय-पक्ष निरीक्षण संस्था द्वारा सामग्री की जांच की जाएगी। इसके बाद फायर ब्रिगेड द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में नमूनों का परीक्षण किया जाएगा। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही सामग्री जवानों को वितरित की जाएगी। ठेका आदेश मिलने के छह महीने के भीतर पूरा स्टॉक फायर ब्रिगेड को उपलब्ध कराना ठेकेदार के लिए अनिवार्य होगा। समय पर आपूर्ति नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी प्रस्ताव में किया गया है।

फायर ब्रिगेड के नियमों के अनुसार, घटनास्थल पर आग बुझाते समय अत्यधिक गर्मी से बचाव के लिए यह विशेष सुरक्षा ड्रेस पहनना अनिवार्य होता है। इससे पहले वर्ष 2017-18 और 2020-21 में यूरोपीय मानकों के अनुसार ऐसे ड्रेस खरीदे गए थे। नियमों के मुताबिक हर दो साल में इस ड्रेस को बदलना जरूरी होता है। इसलिए वर्तमान अवधि के लिए मुंबई मनपा ने करीब 18 करोड़ 11 लाख 60 हजार 704 रुपये का कार्यालयीन अनुमान तैयार कर ई-निविदा प्रक्रिया शुरू की थी। इस निविदा प्रक्रिया में चार नामी कंपनियों ने भाग लिया था। हालांकि तकनीकी जांच के दौरान निर्धारित समय में जरूरी दस्तावेज जमा नहीं करने के कारण 'मेसर्स जय इंजीनियर्स' की निविदा को गैर-प्रतिक्रियाशील मानते हुए खारिज कर दिया गया। शेष तीन पात्र कंपनियों के व्यावसायिक लिफाफे खोले गए, इसमें 'मेसर्स अमी एंटरप्राइज' ने मनपा के कार्यालयीन अनुमान से 15.08 प्रतिशत कम दर पेश की। इसलिए सबसे कम दर देने वाली इस कंपनी से कोट, ट्राउजर, ग्लव्स और हुड के 2,176-2,176 नग खरीदने की मंजूरी देने की सिफारिश की गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार