छात्रा से अभद्रता पर भड़के रोहित पवार
मुंबई, 24 जुलाई (हि.स.)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थन में मुंबई के दादर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान एक छात्रा के साथ पुलिस अधिकारी की बदतमीजी करने का आरोप लगने के बाद इस घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले को लेकर राकांपा (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए महिला पुलिस अधिकारी की तैनाती क्यों नहीं की गई थी।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है और साफ किया है कि वीडियो का गलत मतलब निकाला जा रहा है। पुलिस ने दावा किया है कि यह हादसा तब हुआ पुलिस वाला एक पुरूष प्रदर्शनकारी को पकड़ने की कोशिश कर रही था, तभी छात्रा बीच में आ गई। पुलिस के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए रोहित पवार ने कहा है कि यदि एक पुरुष प्रदर्शनकारी को गिरफ्तार करते समय एक महिला अंदर आई होती, तो पुलिस से उसी समय रुकने की उम्मीद थी। सच तो यह है कि छात्रा को हटाया नहीं गया,, भले ही वह असहज लग रही थी। जनता को जवाब दिया जाए कि विरोध को कंट्रोल करने के लिए महिला पुलिस क्यों नहीं तैनात की गई। संबंधित पुलिस कर्मी सादे कपड़ों में क्यों थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, तो जनता का पुलिस पर भरोसा मजबूत होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

