एसआईआर को लेकर चोकलिंगम से मिले रोहित पवार
मुंबई, 17 अगस्त (हि.स.)। एनसीपी (एपी) के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम से मुलाकात की। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की और आरोप लगाया कि बीएलओ पर काम का बहुत अधिक दबाव है, इसलिए वेरिफिकेशन जल्दबाजी में किया जा रहा है। अब तक 1 करोड़ 8 लाख वोटरों को नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।
रोहित पवार ने मांग की है कि घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफाई किया जाना चाहिए। किसी वोटर को ‘माइग्रेटेड’ या ‘अनट्रेसेबल’ घोषित करने से पहले कम से कम दो अलग-अलग घर-घर जाकर वेरिफाई किया जाना चाहिए। घर-घर जाकर किए गए कामों का एक डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए। इसमें तारीख-समय, ज्योग्राफिकल लोकेशन और फोटोग्राफ शामिल हों। वोटर लिस्ट को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए रोहित ने कहा कि यदि देश या किसी राज्य में बांग्लादेशियों की घुसपैठ हो रही है, तो उसे रोकने की मुख्य ज़िम्मेदारी केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय की है। अगर घुसपैठिए आ रहे हैं, तो भाजपा सरकार या सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही हैं. देश में साल 2014 से भाजपा की सरकार है, तो घुसपैठ का मुद्दा क्यों नहीं सुलझा है। यह सरकार की नाकामी है।
रोहित ने आरोप लगाया कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना और विदेशी नागरिकों की गैर-कानूनी घुसपैठ को रोकना केंद्र की भाजपा सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के चल रहे स्पेशल रिवीजन प्रोसेस (एसआईआर) में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के जरिए समकक्ष निरीक्षण कर रही है। उन्होंने संदेह जताया है कि पावर का इस्तेमाल करके कुछ मतदाताओं को कैटेगरी में बांटा जा रहा है। इस मामले को चुनाव आयोग को संज्ञान में लेना चाहिए। लोगों को यह साबित करने में कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है कि हम इस देश के नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी नागरिकों के नाम पर वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा दावा किया गया था, लेकिन वेरिफिकेशन में कोई बांग्लादेशी नागरिक नहीं मिला। भाजपा ने बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाकर विपक्षी पार्टी के वोटरों के नाम बाहर करने की योजना बनाई है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में फार्म 6 के ज़रिए वोटरों की संख्या अचानक लाखों में बढ़ गई और फिर कुछ नाम बाहर कर दिए गए।
रोहित पवार ने कहा कि एसआईआर में कई दिक्कतें हैं। अभी करीब 1 करोड़ 70 लाख लोगों का सर्वे होना बाकी है। उन्होंने चुनाव आयोग से एसआईआर की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने हाई कोर्ट टाइपिंग टेस्ट में सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी की वजह से छात्रों को हुई मुश्किलों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों का आंदोलन सही है। सरकार को यह टेस्ट दोबारा कराना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

