अगले साल से शुरू होगी नदी जोड़ परियोजना
मुंबई, 13 अगस्त (हि.स.)। महाराष्ट्र को सूखामुक्त बनाने के लिए महायुति सरकार ने सीडब्ल्यू से नदी जोड़ परियोजना का काम अगले साल की शुरूआत में शुरू करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र जल संसाधन विनियामक प्राधिकरण और माझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के बीच समझौता किया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को दी।
मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी (एमडब्ल्यूआरआरए) की 21सवीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य की 40 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का अच्छे से इस्तेमाल करने के लिए, जल संसाधन और कृषि विभाग को तालमेल से काम करना चाहिए। साल 2017 में खुली नहर प्रणाली को बंद करके पीडीएन प्रणाली पर जाने का फैसला किया गया था। इस प्रणाली के कारण, बचा हुआ पानी मान-खटाव जैसे सूखा-ग्रस्त इलाकों में ले जाया जा सकता है। सही योजना और अत्याधुनिक तकनीकी के ज़रिए सूखा वाले क्षेत्रों में बारहमासी खेती के लिए पानी मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने एनएमआर और पीएमआर के लिए अगले 30 से 40 वर्षो के लिए एक इंटीग्रेटेड जल योजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार अगर पश्चिमी चैनल की नदियों का समुद्र में बहकर जाने वाले पानी को विभिन्न परियोजनाओं के ज़रिए गोदावरी बेसिन में लाया जाए, तो उत्तरी महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में पानी की समस्या से निपटा जा सकता है। इन इलाकों को सूखा-मुक्त बनाने का सपना धीरे-धीरे पूरा हो रहा है। कुछ परियोजनाओं को मंज़ूरी मिल गई है और कुछ परियोजनाओं की रिपोर्ट अंतिम स्टेज पर है। राज्य में खेती, पेयजल और इंडस्ट्रीज़ के लिए पानी देने का काम किया जा रहा है। अधिक पानी वाले बेसिन से कम पानी वाले बेसिन में पानी पहुंचाने के लिए नदी जोड़ परियोजना जरूरी है। वैनगंगा-नलगंगा समेत कई नदी जोड़ने वाली परियोजनाओं पर काम शुरू करने की योजना है और उन्हें मंज़ूरी मिल चुकी है। इससे सूखे वाले क्षेत्रों को भी भरपूर पानी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश की पहली वॉटर रिसोर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी महाराष्ट्र में बनाई गई थी। सबसे बड़े क्षेत्र वाले गोदावरी बेसिन का प्लान सबसे पहले तैयार किया गया था। उसके बाद कृष्णा, तापी, नर्मदा, वेस्ट चैनल नदियों और महानदी एरिया के प्लान तैयार किए गए। इन 6 योजनाओं को मिलाकर अक्टूबर 2018 में महाराष्ट्र का इंटीग्रेटेड वॉटर प्लान तैयार किया गया था। ऐसा प्लान तैयार करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है। साल 2024 में इस इंटीग्रेटेड वॉटर प्लान में ज़रूरी बदलाव किए गए और नदी जोड़ परियोजना को शामिल किया गया। वैनगंगा-नलगंगा विदर्भ में सूखे को कम करने की बड़ी परियोजना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

