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56,017 करोड़ के समझौते की समीक्षा, मंत्री नितेश राणे का परियोजनाओं को समय पूरा करने का निर्देश

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मुंबई, 11 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के साइन किए गए 56,017 करोड़ रुपये के समझौते को असरदार तरीके से लागू करने के लिए सोमवार को मत्स्य पालन व बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बोर्ड ने बड़े पैमाने पर निवेश के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ 19 समझौते किए हैं। मंत्री राणे ने इन सभी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

इस प्रोजेक्ट से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोज़गार मिल सकता है। मंत्री ने सभी परियोजनाओं को लागू करने पर पूरा ध्यान देने और महाराष्ट्र की मैरीटाइम क्षमता का पूरा इस्तेमाल करके राज्य को वर्ल्ड-क्लास मैरीटाइम हब बनाने के लिए असरदार फॉलो-अप देने का निर्देश दिया है। उन्होंने राज्य में मैरीटाइम सेक्टर के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का विस्तृत समीक्षा के बाद सभी परियोजनाओं के काम में तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं।

महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड ने राज्य में पोर्ट डेवलपमेंट, शिपबिल्डिंग, वॉटर ट्रांसपोर्ट और मैरीटाइम इंडस्ट्री सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर निवेश लाने के लिए अलग-अलग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ 19 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मंत्री राणे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बंदरगाह व परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड के सीईओ प्रदीप पी. मौजूद थे।

दिघी पोर्ट के विस्तार, जयगढ़ और धरमतर पोर्ट्स के विकास, मॉडर्न शिपबिल्डिंग फैसिलिटीज़ के कंस्ट्रक्शन और मुंबई वॉटर मेट्रो के लिए मॉडर्न वॉटर ट्रांसपोर्ट सिस्टम के कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट्स अभी चल रहे हैं। शिपबिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए कुशल मानव बल तैयार करने के मकसद से आईआईटी मुंबई के साथ मिलकर प्रशिक्षण और अनुसंधान की पहल शुरू की गई है। मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर आधारित मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर ज़ोर दिया जा रहा है। इन परियोजनाओं से राज्य के तटीय इलाकों में इंडस्ट्रियल विकास, रोज़गार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार