दोनों एनसीपी के विलय की फिर चर्चा, तटकरे ने किया खारिज
मुंबई, 29 मार्च (हि.स.)। दोनों एनसीपी के विलय का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एनसीपी (एपी) के कुछ नेता सकारात्मक संकेत देते दिख रहे हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इस पर सतर्क रुख अपनाया है और साफ किया है कि विलय किंतु-परंतु का मामला है, इस पर अभी बात करने का कोई औचित्य नहीं है।
अजीत पवार गुट के विधायक सुनील शेलके ने इस मुद्दे को हवा दी है और दोनों पार्टियों के एक साथ आने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यदि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी बढ़ रही है, लेकिन अभी समय है। अगर दोनों पार्टियों का विलय होता है, तो हमें भी गर्व होगा। विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अन्ना बनसोडे ने भी विलय का समर्थन किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पार्टियों को सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एक साथ आना चाहिए। उनके बयान से विलय की चर्चाओं को बल मिला है। हालांकि इस बारे में तटकरे ने कहा कि यह पता नहीं है कि शेलके का बयान व्यक्तिगत है या पार्टी की अंदरूनी बातचीत का हिस्सा है। अगर ऐसी बातचीत चल रही है, तो अंतिम फैसला सुनेत्र पवार ही लेगी।
उन्होंने विलय पर भाजपा के दबाव की संभावनाओं को खारिज करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमेशा सहयोगी रुख अपनाया है। फिलहाल विलय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

