ठाणे - कलवा में वन क्षेत्र से दर्जनों अवैध कब्जे हटाए गए
मुंबई,27 अप्रैल ( हि.स.) । ठाणे वन विभाग ने जंगल की ज़मीन को बचाने और बचाने के लिए अब सख्त रुख अपनाया है, और आज कलवा के जंगल इलाके में कब्ज़ों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की गई। इस मुहिम में घोलई नगर और पंडापाड़ा इलाकों में करीब 15 से 16 फूस की झोपड़ियां हटाई गईं। ठाणे वन विभाग के इस 'एक्शन मोड' से लैंड माफिया खलबली मच गई हैं।
बताया जाता है कि कलवा में फॉरेस्ट सर्वे नंबर 97 और 436 के इलाके में पिछले कुछ दिनों से बिना इजाज़त झोपड़ियां बनने की रफ़्तार बढ़ गई थी। प्रशासन ने तुरंत यह मुहिम शुरू की ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और जंगल की ज़मीन को खाली कराया जा सके। बुधवार सुबह ही फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की एक टीम और स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) की एक टुकड़ी ने इलाके में छापा मारा। बिना किसी दबाव में आए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने इन सभी बिना इजाज़त के कंस्ट्रक्शन को ज़मीन पर गिरा दिया।
यह पूरा ऑपरेशन ठाणे फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सचिन रेपाले और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट सोनल वलवी की गाइडेंस में किया गया। प्रशासन ने इस कार्रवाई के ज़रिए साफ़ मैसेज दिया है कि किसी भी हालत में वन विभाग की ज़मीन पर कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद, वन क्षेत्र रेंज अधिकारी नरेंद्र मुथे ने कहा कि जल्द ही न सिर्फ़ इन दो जगहों पर, बल्कि जंगल क्षेत्र से सटे दूसरे इलाकों जैसे इंदिरानगर, भास्करनगर, वाघोबानगर और रेतीबंदर में भी ऐसा ही अभियान चलाया जाएगा।
ठाणे वन विभाग क्षेत्रीय अधिकारी नरेंद्र मुथे ने कहा कि - वन विभाग को बचाने के लिए अब रेगुलर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है, और लोगों को किसी भी लालच में आकर फॉरेस्ट की ज़मीन पर इन्वेस्ट या कंस्ट्रक्शन नहीं करना चाहिए। नियम तोड़ने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

