जन विश्वास अधिनियम से वाहन मालिकों को राहत
मुंबई, 08 अगस्त (हि.स.)। देशभर के वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों के लिए राहत की खबर है। जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित मोटर वाहन के प्रावधान 15 अगस्त 2026 से लागू होने जा रहे हैं।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने संशोधित प्रावधानों के क्रियान्वयन को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है. यह अधिसूचना जन विश्वास अधिनियम की अनुसूची के क्रमांक 51 को प्रभावी बनाती है। इसके माध्यम से मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, उन्हें तर्कसंगत और कंपाउंडेबल बनाने की लंबे समय से प्रतीक्षित व्यवस्था लागू होगी। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के सलाहकार बाल मलकीत सिंह के अनुसार संशोधनों के तहत छोटे मोटर वाहन अपराधों के निपटारे के लिए अधिक व्यावहारिक व्यवस्था की गई है। इससे आपराधिक न्यायालयों में जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिकृत परिवहन व पुलिस अधिकारियों के माध्यम से निर्धारित राशि का भुगतान कर मामलों का निपटारा किया जा सकेगा।
सिंह मे बताया कि महत्वपूर्ण बदलावों में से एक मोटर वाहन अधिनियम की धारा 200 के दायरे में धारा 177 ए को शामिल करना है। धारा 177 ए, धारा 118 के अंतर्गत बनाए गए नियमों व विनियमों के उल्लंघन से संबंधित है। इसमें सामान्य यातायात नियम, लेन अनुशासन और सड़क संकेतों से जुड़े उल्लंघन शामिल हैं। किसी कंपाउंडेबल अपराध के लिए निर्धारित राशि का भुगतान, जिसमें ई-चालान प्लेटफॉर्म के माध्यम से भुगतान भी शामिल है। भुगतान किए जाने के बाद संशोधित प्रावधानों के अनुसार संबंधित कानूनी कार्यवाही समाप्त की जा सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

