चावल में 50% व हरी खाद बीजों पर 90% पर अनुदान से किसानों को राहत
मुंबई, 23अप्रैल (हि. स.) । ठाणे ज़िला परिषद ठाणे के तहत कृषि विभाग खरीफ सीजन 2026-27 के लिए अलग-अलग कृषि योजना के ज़रिए किसानों को बड़ी राहत दे रहा है। चावल की फसल का उत्पादन बढ़ाने, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बेहतर बनाने और मजदूरी की कमी को दूर करने के मकसद से, बेहतर चावल के बीजों पर 50 % और हरी खाद के बीजों पर 90 % सब्सिडी दी जाएगी।
कृषि विभाग किसानों को अरहर और चावल की फसलों के लिए कर्जत-3, कर्जत-7, जया, रत्नागिरी-8 और एमटीयू-1010 की बेहतर और ज़्यादा प्रोडक्टिव किस्में 50 परसेंट सब्सिडी पर देगा। क्योंकि ये किस्में मौसम के हिसाब से सही हैं और अच्छी पैदावार देती हैं, इसलिए किसानों से इनका ज़्यादा इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
साथ ही, मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने और ऑर्गेनिक मैटर बढ़ाने के लिए, हर किसान को प्रति एकड़ 20 किलोग्राम ढैंचा के हरी खाद के बीज 90 प्रतिशत की सब्सिडी पर दिए जाएंगे। इसी तरह ढैंचा की फसल मिट्टी में ऑर्गेनिक मैटर की मात्रा बढ़ाती है, जिससे बाद की फसलों के लिए पोषक माहौल बनता है।
इन स्कीमों का फ़ायदा उठाने के इच्छुक किसान तुरंत अपने-अपने पंचायत समिति के कृषि विभाग में अपना नाम रजिस्टर करा लें। आवेदन के साथ 7/12 या 8-A का अर्क, आधार कार्ड और आधार से लिंक्ड बैंक पासबुक की शेडेड कॉपी जमा करना ज़रूरी होगा।
इस बीच, खेती में बढ़ती मजदूरी की कमी को देखते हुए, इस साल से डिबलर से चावल की फसल बोने पर 90 परसेंट सब्सिडी दी जा रही है। SRT तरीके से चावल बोने के लिए कम से कम 5 डिबलर की ज़रूरत होती है। इसलिए, एक किसान ज़्यादा से ज़्यादा 5 डिबलर खरीदने पर सब्सिडी का हक़दार होगा। इस तरीके से समय, लागत और मजदूरी बचाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा

