मंत्रालय में दूषित पानी की समस्या से मिली राहत
मुंबई, 21 अक्टूबर (हि.स.)। मुंबई स्थित मंत्रालय में दूषित पानी आपूर्ति की शिकायतें मिलने के बाद हंगामा खड़ा हो गया था। हालांकि तीन महीने बाद दावा किया गया है कि गंदे पानी की समस्या खत्म हो गई है। पानी की टंकियों की सफाई और पानी के नमूनों की नियमित जांच की जा रही है। अब मंत्रालय में कार्यरत कर्मचारियों की कोई शिकायत नहीं है।
पीडब्ल्यूडी के उपअभियंता सचिन कांबले के अनुसार पानी के सैंपल की नियमित जांच की जा रही है। हर 15 दिन में पानी की टंकियों की सफाई की जा रही है। निरीक्षण रिपोर्ट की जानकारी कर्मचारियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाएगी। इन उपायों से कर्मचारियों का खुद कहना है कि अब गंदे पानी की समस्या हल हो गई है।
जुलाई महीने में शिकायत मिली थी कि मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को गंदा पानी मिल रहा है। इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हुई थीं। इससे शासन- प्रशासन सकते में आ गया था। उस समय यह भी शिकायत की गई थी कि अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पेयजल की व्यवस्था एक जैसी नहीं है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों को बोतल बंद पानी मिलता है, लेकिन कर्मचारियों को टंकी से मिलने वाले पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। यह मुद्दा विधानमंडल के दोनों सदनों में भी उठा था।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

