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हादसों पर,ठाणे में स्कूल वाहन चालकों के तनाव मुक्ति हेतू शिविर

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हादसों पर,ठाणे में स्कूल वाहन चालकों के तनाव मुक्ति हेतू शिविर




मुंबई,04 अप्रैल ( हि.स.) । एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है कि देश में हर दिन करीब 30 स्कूल के 30 विद्यार्थियों के सड़क हादसों का डरावना सच सामने आता है। इसी चिंता को देखते हुए, ठाणे में स्कूल बस ड्राइवरों के लिए एक खास जागरूकता और हेल्थ चेक-अप कैंप उत्साह के साथ लगाया गया ताकि उन्हें विद्यार्थियों की हिफाजत के लिए विद्यालयों के चालकों को ज़िम्मेदारी के बारे में जागरूक किया जा सके और उनकी मन स्थिति को बेहतर बनाया जा सके।

यह शिविर कार्यक्रम श्रीमती सुलोचनादेवी सिंघानिया स्कूल में परिवर्तन सोशल एंड एजुकेशन ट्रस्ट और रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (आरटीओ), ठाणे के साथ मिलकर ऑर्गनाइज़ किया गया था। इसमें सुलोचनादेवी सिंघानिया स्कूल और सुनीतिदेवी सिंघानिया स्कूल जैसे शालाओं के करीब 200 बस ड्राइवर, महिला अटेंडेंट और सपोर्ट स्टाफ ने हिस्सा लिया।

साइकेट्रिस्ट डॉ. अमोल भुसारे ने शिविर में वाहन चालकों की दिमागी सेहत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा, लंबे समय तक काम करना, ट्रैफिक जाम और परिवार का स्ट्रेस ड्राइवरों के बिहेवियर पर असर डालते हैं। सिर्फ वही ड्राइवर जो नशे की लत से बचकर शांत और कंट्रोल में रहता है, वही विद्यार्थियों की सुरक्षा की सही मायने में गारंटी दे सकता है। सिर्फ रोड सेफ्टी ही नहीं, बल्कि बस यात्रा के दौरान होने वाली मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी डॉ. दीपाली कार्णिक ने ' सीपीआर ' दिखाया। कर्मचारियों को हार्ट अटैक या दूसरी इमरजेंसी में बच्चों की जान बचाने की ट्रेनिंग दी गई। इसके साथ ही, ड्राइवरों का आंख, खून और दांतों का चेकअप भी किया गया।

मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर अमोल राठौड़ ने एक इंटरैक्टिव सेशन के ज़रिए ड्राइवरों को टेक्निकल बारीकियां समझाईं। उन्होंने उन्हें( अस्पष्ट मार्ग) 'ब्लाइंड स्पॉट', स्पीड लिमिट ( गति सीमा) और सुरक्षित ड्राइविंग की आदतों के बारे में गाइड किया। सेशन के बाद हुई क्विज़ के विजेताओं को हेलमेट और मेडल दिए गए।

विकास पर्वत, आरटीओ ठाणे की रोड सेफ्टी टीम, फोस्टर बस सर्विस और गोयल बस सर्विस के साथ-साथ सिंघानिया स्कूल के मैनेजर ने इस पहल में कीमती मदद की।

हर साल, रोड एक्सीडेंट, डूबने, सांप के काटने, प्राकृतिक आपदाओं से 16443 स्टूडेंट्स की मौत हो जाती है। महाराष्ट्र में यह संख्या 1190 है।

ठाणे आरटीओ अधिकारी हेमांगिनी पाटील ने कहा कि - स्टूडेंट्स की सुरक्षा सबकी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। ड्राइवरों को ट्रैफ़िक नियमों का पालन करते समय सतर्क और धैर्य रखने की ज़रूरत है। इस तरह की पहल से एक सुरक्षित स्कूल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा