बीएचएमएस व सीसीएमपी क्वालिफाइड डॉक्टरों की शीघ्र शुरू होगी पंजीकरण प्रक्रिया
मुंबई, 23 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र में शीघ्र बीएचएमएस और सीसीएमपी क्वालिफाइड डॉक्टरों के पंजीकरण प्रक्रिया रास्ता साफ होने वाला है। मेडिकल शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने संबंधित अधिकारियों को सरकारी फैसलों और संबंधित कानूनी नियमों का पालन करते हुए इन डॉक्टरों के प्रक्रिया को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। पंजीकरण के बाद होम्योपैथिक डॉकटर भी नियमों के दायरे में रहते हुए एलोपैथी की दवा मरीजों के दे सकेंगे।
बीएचएमएस और सीसीएमपी क्वालिफाइड डॉक्टरों की पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न लंबित मामलों की समीक्षा करने के लिए गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री मुश्रीफ की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें मेडिकल शिक्षा व शोध के आयुक्त अनिल भंडारी, आयुष निदेशालय के निदेशक सपले सहित संबंधिकत विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सुझावों के अनुसार पंजीकरण प्रक्रिया बीएचएमएस और सीसीएमपी के साथ एक अलग रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड बनाया गया है। साफ किया गया कि कानून के अनुसार क्वालिफाइड डॉक्टरों को कौन सा इलाज करने की इजाजत होगी. मुश्रीफ ने कानूनी पहलुओं, सरकारी के लागू नियमों पर विचार करके पंजीकरण प्रक्रिया को तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया है। बैठक में पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक नियमित, पारदर्शी और सरल बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर को स्पष्ट किया गया।
बीएचएमएस और सीसीएमपी क्वालिफाइड डॉक्टर होम्योपैथिक चिकित्सक होते हैं. सीसीएमपी बीएचएमएस डॉक्टरों के लिए एक वर्षीय ब्रिज कोर्स है, जो उन्हें एलोपैथी के मूल सिद्धांतों और दवाओं का सुरक्षित रूप से उपयोग करने का प्रशिक्षण देता है। महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में इन योग्यता वाले डॉक्टरों की पंजीकरण प्रक्रिया संचालित की जाती है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी है। एसे में आपातकालीन देखभाल और प्राथमिक चिकित्सा देने में इन डॉक्टरों की भूमिका अहम मानी जाती है। हालांकि इन डॉक्टरों को अंग्रेजी दवा देने पर एमबीबीएस डॉक्टरों का एतराज है। उनका मानना है कि इससे मरीजों के स्वास्थ्य पर खतरा निर्माण हो सकता है। एक साल का कोर्स पर्याप्त नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

