राजनीतिक महाभारत में राऊत असली दुर्योधनः भाजपा
मुंबई, 23 फरवरी (हि.स.)। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र के अग्रलेख को लेकर भाजपा ने पार्टी सांसद संजय राऊत की कड़ी आलोचना की है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राम कुलकर्णी ने राऊत को महाराष्ट्र की राजनीति का दुर्योधन करार दिया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रमुख नवनाथ बन ने भी राऊत की कड़ी आलोचना की है।
कुलकर्णी ने कहा कि सत्ताधारी पार्टियों ने विपक्ष को नेता प्रतिपक्ष से दूर नहीं रखा, बल्कि राज्य की जनता ने उन्हें विधानसभा चुनाव में इस पद तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। संपादकीय लिखते समय संविधान क्या कहता है? नियम क्या है? चुनने का अधिकार किसे है? राऊत को इस बात की जानकारी होनी चाहिए। कुल सदस्यों में से कम से कम 10 प्रतिशत विधायक होने चाहिए। लेकिन वे नियम देखकर राजनीति नहीं करना चाहते। वे सिर्फ झूठ बोलना और भ्रम पैदा करना चाहते हैं। मुझे बताएं कि असली मायने में दुर्योधन कौन है और पांडव कौन है।
नवनाथ बन ने राऊत को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महाविकास आघाड़ी बजट सत्र से एक दिन पहले ही बंट गई। शरद पवार गुट का एक भी विधायक विपक्ष की बैठक में नहीं आया। क्या यही उनकी एकता है? मुख्यमंत्री को पत्र देने के लिए विधायक नहीं हैं, पूर्व विधायक को साइन करने पड़े। विपक्ष में कोई फूट नहीं है, कहने वाले राऊत को मविआ की हालत खुली आंखों से देखनी चाहिए। राज्यसभा और विधान परिषद की उम्मीदवारी को लेकर ठाकरे गुट में गुटबाजी चल रही है। प्रियंका चतुर्वेदी बनाम शरद पवार को लेकर खींचतान चल रही है। इधर कांग्रेस का कहना है कि उनका उम्मीदवार होगा।
बन ने कहा कि वंशवाद पर खड़ी कांग्रेस और ठाकरे गुट लोकतंत्र पर सीख दे रहे हैं। इमरजेंसी लगाने वालों को लोकतंत्र की भाषा नहीं बोलनी चाहिए। संख्या बल न होने के बावजूद विपक्ष के नेता के लिए हंगामा खड़ा किया जा रहा है। विधान परिषद और विधानसभा दोनों में संख्या बल नहीं है। जनता ने विपक्ष को ‘घर पर रहो’ का साफ़ संदेश दिया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भ्रष्टाचार पर ज़ीरो टॉलरेंस की साफ चेतावनी दे ऱखी है। जो नेता खुद जेल जा चुके हैं, वे भ्रष्टाचार पर बोल रहे हैं। महाराष्ट्र की जनता ठाकरे गुट के मेल-ऑर्डर, खिचड़ी, कोविड घोटाले का काला इतिहास जानती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

