केडीएमसी मामले पर राज ठाकरे करेंगे कार्रवाई- संजय राऊत
मुंबई, 21 जनवरी (हि.स.)। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) में राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है। इसलिए सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस पर राज ठाकरे ने अभी अपनी भूमिका स्पष्ट नहीं की है. लेकिन शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने कहा है कि यह मामला चिंताजनक है. राज ठाकरे इस पर कार्रवाई करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना और मनसे प्रमुख राज ठाकरे की मनसे ने मिलकर मनपा चुनाव लड़ा था। हालांकि स्थानीय स्तर के नेताओं ने केडीएमसी में शिंदे गुट की शिवसेना को समर्थन देने का फैसला मनसे ने किया है। मनसे नेता राजू पाटिल ने पार्टी के 4 नगरसेवकों का शिंदे गुट को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे शिंदे गुट का भाजपा और मनसे की ओर से शिवसेना (यूबीटी) को झटका लगा है। इस राजनीति ने नई बहस छेड़ दी है। मनसे के इस रुख पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है। लेकिन अभी राज ठाकरे ने अपना कोई अधिकृत रुख नहीं बताया है। हालांकि राऊत ने कहा है कि राज को केडीएमसी में मनसे-शिंदे गुट का गठबंधन मंजूर नहीं है। यह फैसला स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं ने अपने निजी कारणों से लिया है। राज ठाकरे इससे परेशान हैं। राज ने साफ कहा है कि स्थानीय स्तर पर लिया गया यह फैसला मेरा स्टैंड नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी भूमिका अलग और कट्टर है। जिसने महाराष्ट्र और बालासाहेब ठाकरे के साथ गद्दारी की, उनके साथ कोई राजनीतिक और अन्य संबंध नहीं रखना है।
राऊत के अनुसार जो लोग पार्टी के अधिकृत रुख के खिलाफ फैसले लेते हैं, उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए। उन्होंने अंबरनाथ का उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस के 12 नगरसेवकों के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिया। राऊत ने इशारा किया है कि राज ठाकरे भी मनसे के उन ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जो शिंदे गुट का समर्थन कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

