कर्जत में टोरंट कंपनी के विरोध में उतरे राज ठाकरे
मुंबई, 25 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत में 'टोरंट पावर' कंपनी के प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना का विरोध शुरू हो गया है। अब इस मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे भी कूद गए हैं। उन्होंने मंगलवार 27 अक्टूबर को कपंनी की प्रस्तावित परियोजना के विरोध में एक बड़ी जनसभा का आयोजन करने की घोषणा की है।
कर्जत के स्थानीय जनजातियों, ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि प्रस्तावित परियोजना के लिए लाखें वृक्ष काटे जा रहे हैं। इस विनाशकारी वृक्ष कटाई से पर्यावरण को खतरा निर्माण हो जाएगा। कर्जत के सायडोंगर और भीमाशंकर वन क्षेत्र में टोरंट पावर के 3,000 मेगावाट के 'पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रो प्रोजेक्ट' (जलविद्युत परियोजना) के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों को काटा जा रहा है। इस परियोजना के लिए लगभग 32,000 से लेकर 48,000 से अधिक पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई है। इससे समृद्ध सह्याद्रि वन्यजीव गलियारे और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की संभावना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना 500 से 1,000 पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे जल स्रोत, उनकी आजीविका और प्राकृतिक संपदा नष्ट हो रही है।
इस मामले को लेकर कर्जत के ग्रामीणों, किसानों और पर्यावरणविदों के एक शिष्टमंडल ने राज ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात की। राज ने उन्हें समर्थन देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने परियोजना के विरोध आंदोलन का नेतृत्व करने का भरोसा दिलाया है। मनसे ने वृक्ष कटाई का वीडियो जारी कर राज्य सरकार और वन विभाग को आड़े हाथों लिया है। शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे, एनसीपी (एसपी) के विधायक रोहित पवार सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी इस मामले को लेकर महायुति सरकार को घेरा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि गुजरात की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र के पर्यावरण की बलि दी जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

