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राहुल गांधी देश में अस्थिरता फैलाना चाहते थे : एकनाथ शिंदे

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मुंबई, 26 जुलाई, (हि.स.)। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए उनकी मंशा पर सवाल खड़ा किया।

उप मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, जब जंतर-मंतर पर आंदोलन चल रहा था, तो हजारों लोगों को प्रधानमंत्री आवास पर ले जाने का क्या मकसद था? उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, दिवंगत इंदिरा गांधी की हत्या के बाद एसपीजी एक्ट लागू किया गया था। राहुल गांधी जानते थे कि प्रधानमंत्री आवास के आसपास आंदोलन करना मना है, फिर भी जानबूझकर वहां भीड़ जमा की गई। यह कोई विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश थी।

उन्होंने आगे कहा, बांग्लादेश, श्रीलंका और दूसरे देशों की तरह, विपक्ष का भारत में भी अराजकता का माहौल बनाने की योजना थी। हालांकि, देश की जनता ने इसे पूरी तरह नाकाम कर दिया। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का नाम लिए बिना शिंदे ने कहा, महाराष्ट्र के कुछ नेता छात्रों के प्लेटफॉर्म पर गए और भडक़ाऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि 'आग लग गई है... इसे बुझने मत दो'। वे छात्रों के आंदोलन में राजनीति मिलाकर राज्य को भडक़ाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन महाराष्ट्र के लोगों ने उन्हें पहले ही अस्वीकार कर दिया है। छात्रों ने भी उनकी राजनीति को अस्वीकार कर दिया। जैसे ही आंदोलन खत्म हुआ, उनका पूरा राजनीतिक एजेंडा खत्म हो गया।

शिंदे ने कहा, छात्रों की मांगें मान ली गईं, आंदोलन खत्म हो गया, लेकिन जो लोग इस पर पॉलिटिकल गेम खेल रहे थे, वे परेशान हो गए। वे बेगाने शादी में अब्दुल्ला दीवाना जैसे हो गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव