मुंबई में विरोध प्रदर्शन, दमानिया सहित कई हिरासत में
मुंबई, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे सीजेपी के आंदोलन के साथ ही मुंबई और पुणे में आंदोलन की आग भड़क गई है। मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क मैदान में रविवार को विरोध प्रदर्शन का एलान किया गया था। आंदोलन से पहले ही सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया सहित कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मनसे नेता अमित ठाकरे को भी शिवाजी पार्क जाने से रोक दिया गया। इससे मनसे कार्यकर्ता आक्रामक हो गए।
दिल्ली में शनिवार को सीजेपी के विरोध के बाद रविवार को सीजेपी ने मुंबई में भी विरोध का आह्वान किया था। यह विरोध प्रदर्शन रविवार शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में प्रस्तावित था। कार्यकर्ता बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा होने लगे थे। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। पुलिस ने यहां आई अंजलि दमानिया को भी हिरासत में ले लिया और वैन में बिठाकर पुलिस स्टेशन ले गई। इस वजह से शिवाजी पार्क इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिवाजी पार्क इलाके की सभी सड़कों को पुलिस ने बंद कर दिया है। पूरे इलाके में पुलिस की कड़ी मौजूदगी है। विरोध प्रदर्शन से पहले ही संदिग्ध प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया गया। इलाके में घुसने से पहले लोगों की गाड़ियों की चेकिंग की जा रही हैं। इसी तरह पुणे में भी पुलिस सीजेपी कार्यकर्ताओं की धरपकड़ कर रही है। सीजेपी ने पुणे के गुडलक चौक पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। गुडलक चौक के कलक कट्टा में पुणे पुलिस का बंदोबस्त बढ़ा दिया गया है।
अमित ठाकरे ने कहा कि शिवाजी पार्क में जिस तरह की पुलिस कार्रवाई चल रही है, वह निंदनीय है। यह मुंबई पुलिस हैं, दिल्ली पुलिस नहीं। हमारे बीच फर्क है। मैंने आज तक ऐसा शिवाजी पार्क नहीं देखा। मुझे भी पुलिस ने रोका था। शिवाजी पार्क में जो चल रहा है। यह हर दिन नहीं होगा। हम दिल्ली नहीं हैं। हमारे बीच फर्क यह है कि हम पुलिस का सम्मान करते हैं। पुलिस को दबाव में काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने हमेशा महाराष्ट्र पुलिस की तारीफ की। लेकिन अब ऐसा लगता है कि पुलिस दबाव में काम कर रही है। वे नवरात्रि के पहले दिन महिलाओं पर हाथ उठाते हैं, यह कैसी बात हो रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

