सूखे से निपटने की तैयारीः 304 तहसीलों में जल संरक्षण योजना
मुंबई, 26 अक्टूबर (हि.स.)। महाराष्ट्र सरकार ने खरीफ मौसम 2026 के दौरान राज्य में सूखे की पहली और दूसरी लहर से प्रभावित 304 तहसीलों में जल संरक्षण के विभिन्न कार्यों को शुरू करने का निर्णय लिया है। हर गांव में कम से कम 100 जल संचयन गड्ढे बनाने, बांधों की मरम्मत करने, जलाशयों से गाद हटाने और नालियों को गहरा व चौड़ा करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
सूखे की स्थिति को देखते हुए, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग की चल रही और अधूरी योजनाओं के कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें बांधों पर गेट या बोर्ड लगाकर पानी को रोकना शामिल हैं। इसके अलावा जर्जर बांधों की मरम्मत करना और जल संरक्षण संरचनाओं का रखरखाव करना शामिल है। गांवों में जल निकायों से गाद हटाने, नालियों को गहरा और चौड़ा करने, वृक्षारोपण बांध बनाने और नालियों, बांधों और झीलों में जल संचयन के लिए विशेष संरचनाएं बनाने का काम भी किया जाएगा। सरकारी और निजी भवनों पर वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
इन कार्यों को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए, पानी फाउंडेशन, नाम फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट और चंद्र फाउंडेशन जैसे गैर सरकारी संगठनों का सहयोग मांगा जाएगा। ये कार्य जलयुक्त शिवार अभियान 2.0, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जिला योजना समिति निधि, सांसद व विधायक निधि, खनिज विकास निधि और सामाजिक उत्तरदायित्व निधि से किए जा सकते हैं। रोजगार गारंटी योजना और विकसित भारत-रोजगार व आजीविका मिशन से संबंधित निधियों का उपयोग करने के भी निर्देश हैं। रोजगार गारंटी योजना की निधियों से अधिकतम कार्यों को पूरा करने को प्राथमिकता दी गई है। मृदा एवं जल संरक्षण विभाग ने इस संबंध में सोमवार को शासनादेश जारी किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

