19 और तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित करने की तैयारी
मुंबई, 06 अक्टबर (हि.स.)। महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति गंभीर हो गई है और अब तक 265 तहसीलों में सूखा घोषित किया जा चुका है। इन इलाकों में फसल नुकसान का पंचनामा चल रहा है, और बाकी 19 तहसीलों में सूखे की गंभीरता की जांच करके तुरंत प्रस्ताव जमा करने के आदेश दिए गए हैं। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
मंत्री भरणे ने बताया कि जिलाधिकारियों को 265 सूखा प्रभावित तहसीलों में पंचनामा तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी सीधे बांधों पर जाकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं। 10 अक्टूबर तक सभी पंचनामे पूरे करने के आदेश दिए गए हैं। अब तक राज्य में 65 लाख 26 हज़ार हेक्टेयर के पंचनामे पूरे हो चुके हैं। जब विभागवार निरीक्षण किया गया, तो छत्रपति संभाजीनगर विभाग में 68 प्रतिशत, पुणे डिवीज़न में 30 प्रतिशत और नासिक विभाग में 22 फीसदी पंचनामे पूरे हो चुके हैं। कोंकण में पंचनामें की संख्या सबसे कम है।
भरणे के अनुसार केंद्र सरकार की सूखा सर्वे टीम अगले चार-पांच दिनों में महाराष्ट्र आएगी और मुक्तानंद अग्रवाल इसके हेड होंगे। राज्य ने मदद के लिए केंद्र से 17,000 करोड़ रुपये मांगे हैं। इस बीच राज्य में महिला किसान नीति लागू करने का काम चल रहा है और 17 सितंबर से अब तक 33 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। सबसे ज्यादा दो लाख आवेदन यवतमाल जिले से मिले हैं।
19 सूखा प्रभावित तहसीलें:
नांदेड़: मुदखेड़, मुखेड़, अर्धापुर
चंद्रपुर: जिवती, ब्रह्मपुरी, बल्लारपुर
गोंदिया: आमगांव, देवरी, सालेकसा, गोंदिया
वर्धा: करंजा
भंडारा: मोहाड़ी, तुमसर
नाशिक: त्र्यंबकेश्वर, चांदवाड़, निफाड़
सातारा: पाटन
सांगली: शिराला, वालवा
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

