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डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : विजय गिरकर

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मुंबई, 03 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक विजय (भाई) गिरकर ने सीजेपी नेताओं पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को लेकर झूठी और भ्रामक बातें फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न डॉ. आंबेडकर को कमतर आंकने या उनका अपमान करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू और डॉ. आंबेडकर ने 1951 में देश को मतदान का अधिकार दिया, ऐसा प्रचार गलत है। नेहरू की प्रशंसा करनी है तो करें, लेकिन आंबेडकर के योगदान को कम करके नहीं आंका जा सकता। विजय भाई गिरकर शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

गिरकर ने कहा कि संविधान 1949 में तैयार हुआ और 1950 में लागू किया गया। डॉ. आंबेडकर ने महिलाओं और पुरुषों को समान मतदान का अधिकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान और उससे बनी लोकतांत्रिक व्यवस्था हर भारतीय की है। उन्होंने कहा कि योगेंद्र यादव के कथित बयान कि देश के मामले संसद के बजाय सडक़ों से चलेंगे, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने कहा कि संसद, न्यायपालिका, निर्वाचन आयोग और मीडिया जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी है। आपातकाल के दौर से सबक लेते हुए किसी भी सरकार या दल को लोकतांत्रिक संस्थाओं के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने 1952 के चुनाव में डॉ. आंबेडकर की हार का भी उल्लेख किया।

गिरकर ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व ने अंबेडकर के खिलाफ प्रचार किया और उन्हें हराने के लिए राजनीतिक तथा अन्य तरीकों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि आंबेडकर के योगदान को नजरअंदाज कर किसी अन्य नेता को उनके समानांतर खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा, मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव