केईएम अस्पताल का नाम बदलने पर सियासी संग्राम
मुंबई, 23 जून (हि.स.)। मुंबई मनपा द्वारा संचालित किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल (केईएम) का नाम बदलने को लेकर सियासय गरमाई हुई है। इस अस्पताल का नाम बदलने पर अड़े कौशल विकास मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने किंग एडवर्ड की तुलना आतंकवादी अजमल कसाब से करते हुए कहा कि किंग एडवर्ड भारत के लिए गर्व की बात नहीं, बल्कि गुलामी के दौर की निशानी है। लिहाजा अस्पताल का नाम बदलकर उसे भारतीय नाम दिया जाना चाहिए।
विधान परिषद में विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री लोढ़ा ने कहा कि ब्रिटिश राज भारत के शोषण का दौर था। किंग एडवर्ड ने भारत को गुलाम बनाया और देश की दौलत लूटकर इंग्लैंड ले गए। यह कहना कि किंग एडवर्ड ने पैसे दिए, पूरी तरह से गुमराह करने वाला है। किंग एडवर्ड कसाब जैसा व्यक्ति लाखों भारतीयों की मौत के लिए जिम्मेदार था। हम किंग एडवर्ड के नाम का समर्थन करने वालों की निंदा करते हैं। हमने केईएम का नाम बदलने के लिए तीन विकल्प दिए हैं। सरकार इस बारे में उचित निर्णय लेगी। प्रस्तावित तीन नामों में से जो भी विकल्प चुना जाएगा, उसका संक्षिप्त नाम 'केईएम' होगा।
शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य मिलिंद नार्वेकर और अन्य विपक्षी सदस्यों ने यह कहते हुए मंत्री लोढ़ा को घेरा कि क्या ट्रंप टावर का नाम भी बदला जाएगा। उन्होंने लोढ़ा के व्यापारिक साझेदारी पर सवाए उठाए. इसके जवाब में मंत्री लोढ़ा ने कहा कि ट्रंप नाम केवल व्यापारिक साझेदारी के कारण दिया गया था। इसका महिमामंडन से कोई लेना-देना नहीं है। मेरा बिजनेस पूरी दुनिया को पता है। मेरी इनकम का सोर्स भी सबको पता है। लेकिन आपका बिजनेस क्या है, हमें नहीं पता, फिर भी आप मुझसे बड़ी गाड़ी में घूमते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

