होम्योपैथी डॉक्टरों को पुलिस की नोटिस, सीसीएमपी पंजीकरण का मुद्दा गरमाया
मुंबई, 05 सितंबर (हि.स.)। होम्योपैथी डॉक्टरों के सीसीएमपी पंजीकरण का मुद्दा गरमा गया है। उनके प्रस्तावित आंदोलन से पहले पुलिस ने नोटिस जारी कर उन्हें हिदायत दी है। पुलिस ने नोटिस में सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए आंदोलनात्मक कार्यक्रम नहीं करने की चेतावनी दी है। आदेश का उल्लंघन होने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है। इससे डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है।
इंटिग्रेटेड डॉक्टर्स असोसिएशन ने 8 सितंबर को हनुमान चालीसा पाठ के जरिए विरोध जताने की घोषणा की है। संगठन ने साफ किया है कि नोटिस, दबाव या अड़चनों के बावजूद बीएचएमएस-सीसीएमपी होम्योपैथी डॉक्टरों के न्यायसंगत अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। यह संघर्ष अब नहीं रुकेगा। आग्रीपाड़ा पुलिस स्टेशन की ओर से शनिवार को जारी नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 168 के तहत दी गई है। इसमें महाराष्ट्र चिकित्सा परिषद कार्यालय में सीसीएमपी उत्तीर्ण होम्योपैथी डॉक्टरों के पंजीकरण का मुद्दा उठाया गया है। संगठन का आरोप है कि परिषद कार्यालय द्वारा सीसीएमपी रजिस्ट्रेशन रोके जाने के कारण डॉक्टरों में असंतोष है और इसी के विरोध में हनुमान चालीसा पाठ कर आंदोलन प्रस्तावित है।
पुलिस ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 1997 के आदेश का हवाला देते हुए आजाद मैदान को छोड़कर अन्य स्थानों पर धरना, घंटानाद, मीटिंग, रैली, मोर्चा, प्रदर्शन, निषेध और इसी तरह के कार्यक्रमों पर रोक की बात कही है। मुंबई पुलिस आयुक्त के आदेश के तहत 24 अगस्त से 8 सितंबर तक पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी का उल्लेख किया गया है। इस पर असोसिएशन ने कहा कि हनुमान चालीसा पाठ श्रद्धा का प्रतीक है और आंदोलन बीएचएमएस-सीसीएमपी डॉक्टरों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

