हिरासत के बाद घूमाती रही पुलिस, तुषार गांधी का आरोप
मुंबई, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में आयोजित विरोध प्रदर्शन से पहले महात्मा गांधी के परपोते और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। रिहाई के बाद उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस उन्हें एक से दूसरे पुलिस स्टेशन में घूमाती रही और उनके मोबाइल फोन को प्लाइट मोड में डाल दिया गया था।
दिल्ली के सीजेपी के आंदोलन को कई विपक्षी दलों ने समर्थन दिया था। बीते शनिवार को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। तुषार गांधी ने भी इस विरोध प्रदर्शन को अपना सपोर्ट देने का ऐलान किया था। वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए अपने घर से निकले थे। लेकिन इस विरोध प्रदर्शन में जाने से पहले ही मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। तुषार गांधी के हिरासत में लिए जाने से राजनीतिक माहौल गरमा गया। शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे व पार्टी सांसद संजय राऊत व अन्य नेता सीधे डीएन नगर पुलिस स्टेशन गए और धरने पर बैठ गए। कुछ घंटों के बाद पुलिस ने तुषार गांधी को रिहा कर दिया। राऊत ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से बताया कि तुषार गांधी को डीएन नगर पुलिस स्टेशन नहीं लाया गया है और उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
अब तुषार गांधी ने जानकारी दी है कि पुलिस शनिवार सुबह से ही उनके घर से उनका पीछा कर रही थी। जब वह अगस्त क्रांति मैदान जाने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें बांद्रा के नेशनल कॉलेज के पास से हिरासत में ले लिया। पहले उन्हें सांताक्रूज, फिर डीएन नगर पुलिस स्टेशन ले जाया गया और वहां कई घंटों तक रखा गया। जब पुलिस को पता चला कि आदित्य ठाकरे उनसे मिलने आ रहे हैं, तो उन्हें मेडिकल चेक-अप के बहाने बोरीवली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां पुलिस ने कहा कि डीएन नगर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रोटेस्ट चल रहा है और आदित्य ठाकरे उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी आदित्य ठाकरे से फोन पर बात कराई और फिर उन्हें घर जाने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उनका फोन फ्लाइट मोड पर डाल दिया था।
तुषार गांधी ने बताया कि वह सीजीपी आंदोलन के समर्थन में अगस्त क्रांति मैदान में विरोध प्रदर्शऩ करने जा रहा थे। मुझे हिरासत में लेने के बाद भी वहां आंदोलन हुआ। मेरी बेटी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया। अभिजीत दीपके और उनके साथियों की हिरासत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हो रही थी। लेकिन अब यह मामला और आगे बढ़ गया है। अब यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंच गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

