कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आदिवासी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई
मुंबई, 06 अक्टूबर (हि.स.)> कांग्रेस के दादर स्थित तिलक भवन प्रदेश मुख्यालय में आदिवासी छात्रों पर मुंबई पुलिस ने फिर कार्रवाई की है। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस कार्रवाई को तानशाही करार देते हुए महायुति सरकार पर निशाना साधा है।
इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि अपनी मांगों को लेकर नासिक से पैदल मार्च कर आदिवासी छात्र मुंबई आए थे। वे रात में तिलक भवन में ठहरे हुए थे और आजाद मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले थे। लेकिन मुंबई पुलिस ने सोमवार तड़के कार्यालय में घुसकर छात्रों को धमकाया और उन्हें हिरासत में ले लिया। एनएसयूआई के प्रदेशअध्यक्ष को भी हिरासत में लिया गया। मंगलवार को आदिवासी छात्रों पर कार्रवाई की गई।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि एक बार फिर साबित हो गया है कि महायुति सरकार आदिवासी विरोधी है। सरकार ने आदिवासी छात्रों को आजाद मैदान में आंदोलन करने की अनुमति देने से इनकार कर उनके साथ अन्याय किया है। लोकतंत्र में आंदोलन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार संविधान को पैरों तले रौंदकर मनमाने तरीके से काम कर रही है। छात्रों की मांग थी कि उन्हें आजाद मैदान में आंदोलन करने दिया जाए, या फिर राज्यपाल से मिलने की अनुमति दी जाए। लेकिन सरकार और पुलिस ने आदिवासी छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया। पिछले दो दिनों से आदिवासी छात्रों को बेवजह परेशान किया गया, धमकाया गया और उनका उत्पीड़न किया गया। मंगलवार की दोपहर में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
छात्रों ने बताया कि पिछले दो वर्षों में आश्रमस्कूलों के 600 छात्रों की मौत हुई है। इसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। आदिवासी विकास मंत्री का इस्तीफा लिया जाए और आदिवासी आयुक्त का तबादला किया जाए। छात्रों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सेंट्रल किचन से आने वाले भोजन की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। हमारे छात्र-छात्राओं को पुलिस परेशान कर रही है। आदिवासी छात्र पिछले 48 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। पैदल मार्च कर मुंबई पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों को कांग्रेस ने अपने कार्यालय तिलक भवन में आश्रय दिया था। कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। तिलक भवन के बाहर सैकड़ों पुलिसकर्मी, 10-12 वाहनों का बड़ा काफिला और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी दो दिनों तक तैनात रहे। फडणवीस सरकार की पुलिस ने तिलक भवन में घुसकर दहशत पैदा करने का प्रयास किया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

