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प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक 12 सालः सत्ता पक्ष ने सराहा, विपक्ष ने नकारा

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मुंबई, 10 जून (हि.स.)। नरेन्द्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री देश में 12 साल के ऐतिहासिक के कार्यकाल पूरा करके नया रिकॉर्ड बनाया। इन उपलब्धियों को लेकर सत्ता एवं विपक्ष में बहस छिड़ गई है। सत्ता पक्ष ने जहां प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की है, वहीं विपक्ष ने आलोचना की है।

भारत में अबतक के प्रधानमंत्रियों में सबसे अधिक समय तक कार्यकाल की उपलब्धी हासिल करने को लेकर नरेन्द्र मोदी की दीर्घायु को लेकर मुंबई में कई जगहों पर अनुष्ठान एवं मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिद्धीविनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। उत्तर मुंबई में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के समर्थकों ने मंदिरों में मोदी की दीर्घ आयु को लेकर पूजा-पाठ किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी के ऐतिहासिक कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का एक नया रिकॉर्ड बना है। उन्होंने पीएम मोदी के इस 12 साल के सफर को अभूतपूर्व विकास, अटूट विश्वास और जनभागीदारी का स्वर्णिम मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने एक बड़ी छलांग लगाई है। इस अवधि में देश के भीतर 'समर्थ भारत' से 'विकसित भारत' में बदलने का एक दृढ़ और आत्मविश्वासी संकल्प पैदा हुआ है। देश के 25 करोड़ नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालने से लेकर भारत को रक्षा उपकरणों का निर्यातक देश बनाने तक का उनका सफर अविश्वसनीय रहा है।

फडणवीस ने कहा कि साल 2015 में जब उन्होंने महाराष्ट्र के गंभीर सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक विशेष पैकेज की मांग की थी, तो प्रधानमंत्री ने उसे तुरंत मंजूरी दे दी थी। इस मदद के कारण राज्य सरकार विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के किसानों के दर्द को कम करते हुए 100 से अधिक सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने में सफल रही। वर्तमान में अल नीनो और मानसून में देरी जैसी जलवायु चुनौतियों के बीच भी मुख्यमंत्री ने राज्य के हौसले को मजबूत बताया है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में एनडीए की बैठक के बाद कहा कि मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को नई उड़ान मिल रही है। अब अगले 21 वर्षों की दिशा तय हो गई है। महाराष्ट्र के विकास में बड़ा योगदान मिला है। मोदी ने विकास और विरासत के बीच संतुलन बनाकर देश का सफल नेतृत्व कर रहे हैं। मोदी ने 4398 दिनों तक देश का नेतृत्व कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। उनके नेतृत्व में भारत महाशक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के विकास में केंद्र सरकार ने बड़ा आर्थिक सहयोग दिया है। पिछले 12 वर्षों में महाराष्ट्र की आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश मिला है।

वहीं, एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू की तुलना प्रधानमंत्री मोदी से करना संभव नहीं है। देश के सबसे लंबे समय तक पीएम के रूप में योगदान देने वाले मोदी का सम्मान किया जाना अच्छी बात है लेकिन क्या नेहरू के कार्यों और उपलब्धियों की तुलना किसी और से की जा सकती है, यह एक बड़ा प्रश्न है। आजादी के बाद नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। इस दौरान हमारा देश कई बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा था। बंटवारे के बाद लोगों को जीवन यापन करने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा था। ऐसे मुश्किल समय में नेहरू ने देश की कमान संभाली। वह समय अनेक कठिनाइयों, चुनौतियों और संघर्षों से भरा हुआ था। लेकिन नेहरू ने देश को विकास के रास्ते पर ले जाने के लिए कई योजनाओं की नींव रखी। हमें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। ऐसे में नेहरू के कार्यकाल की पीएम मोदी से तुलना करना असंभव है। पवार बुधवार को अपनी पार्टी के 27 वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इस तरह से दिखाया जा रहा है कि उनके जैसा कोई नेता नहीं है। यह सच्चाई नहीं है। संसदीय लोकतंत्र में प्रधानमंत्री के पद का हम सभी को सम्मान करना चाहिए। लेकिन नेहरू तो नेहरू ही हैं। आजादी की लड़ाई से देश के नवनिर्माण में नेहरू के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और नरेंद्र मोदी की तुलना नहीं हो सकती। मोदी के ज्यादा समय तक प्रधानमंत्री रहने का खूब प्रचार किया जा रहा है। लेकिन मोदी का 12 वर्षों का योगदान और देश के लिए उनका वास्तविक कार्य क्या है, यह शोध का विषय है। पिछले 12 वर्षों में मोदी देश को गलत दिशा में ले गए हैं। इसकी भारी कीमत देश को आने वाले कई वर्षों तक चुकानी पड़ेगी. यदि मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल का मूल्यांकन किया जाए तो इस सरकार में न ‘राम’ है और न ही दिखाने लायक कोई ‘काम’ है।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार