एसटी संग अब पीपीपी मॉडल पर तीर्थयात्रा
मुंबई, 01 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) की महत्वाकांक्षी 'हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे एसटी संग तीर्थयात्रा' योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत निजी पर्यटन संस्थाओं से भागीदारी करके श्रद्धालुओं को बेहतर और किफायती तीर्थयात्रा सुविधा देने के लिए 'एसटी संग तीर्थयात्रा' योजना को पीपीपी मॉडल पर लागू करने का फैसला किया गया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की है कि इस योजना के तहत छह पर्यटन संस्थाओं का चयन किया जाएगा। श्रद्धालुओं को यात्रा, ठहरने और अन्य सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी। नई नीति के तहत तीर्थयात्राओं और धार्मिक पर्यटन का नियोजन, ठहरने की व्यवस्था, भोजन, स्थानीय भ्रमण, गाइड, टोल, पार्किंग, प्रवेश शुल्क आदि सुविधाएं निजी पर्यटन संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को 'वन-स्टॉप' सुविधा मिलेगी और एसटी की आय में भी वृद्धि होगी। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक बस का आरक्षण तभी किया जाएगा, जब उसमें उसकी बैठने की क्षमता के अनुसार पर्याप्त यात्री होंगे।
राज्य सरकार ने विभिन्न सामाजिक वर्गों को दी जाने वाली यात्रा रियायतें इस योजना में भी लागू रहेंगी। आवास, भोजन, पेयजल, चाय-नाश्ता, पर्यटन स्थलों का प्रवेश शुल्क, गाइड, पार्किंग, टोल आदि सुविधाएं उचित दरों पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित निजी पर्यटन संस्थाओं की होगी। इन सुविधाओं से होने वाली आय का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा एसटी महामंडल को देना अनिवार्य होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

