इंटरसेप्टर रडार: विशेष अभियान के तहत महीने भर में 513 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई
मुंबई, 08 अक्टूबर, (हि. स.)। वसई-विरार में यातायात नियमों की अनदेखी कर वाहन चलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए प्रादेशिक परिवहन विभाग ने अत्याधुनिक ‘इंटरसेप्टर रडार’ वाहनों का इस्तेमाल शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत एक महीने के भीतर अधिक गति से वाहन चलाने वाले 513 वाहन चालकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है। इसमें दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं। हादसों पर नजर डालें तो शहर की मुख्य सड़कों के साथ आंतरिक मार्गों पर भी तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रहे हैं। गलत दिशा में वाहन चलाना, शराब के नशे में वाहन चलाना, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट यात्रा करना, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल, बिना लाइसेंस वाहन चलाना और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना आम हो गया है। इन लापरवाहियों के कारण कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हुई हैं। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में पैदल यात्री भी आ रहे हैं। इंटरसेप्टर वाहन में लेजर तकनीक आधारित अत्याधुनिक स्पीडगन लगाई गई है। पहले सड़क किनारे खड़े होकर वाहनों की गति मापनी पड़ती थी, लेकिन अब ट्राइपॉड सुविधा के कारण वाहन से ही दूर तक निगरानी की जा सकती है। नियम तोड़ने वाले वाहन की गति का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होता है। आरटीओ अधिकारी दीपक उगले ने बताया कि वाहन में ई-चालान सहित आधुनिक तकनीक उपलब्ध है। वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जा सकती है। डिजिटल प्रमाण के आधार पर कार्रवाई होने से नियम तोड़कर भागने वाले चालकों पर शिकंजा कसना आसान होगा। विभाग की यह पहल सड़क पर तेज रफ्तार और लापरवाही की दौड़ रोकने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / कुमार

