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एमयूटीपी-2 का रास्ता साफ, गिराया जाएगा स्वदेशी मिल का स्ट्रक्चर

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मुंबई, 10 अप्रैल (हि.स.)। बहुप्रतिक्षित एमयूटीपी-2 रेल परियोजना का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। सेंट्रल रेलवे ने इस परियोजना के आड़े आ रहे स्वदेशी मिल के पीएपी स्ट्रक्चर को गिराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। परियोजना का काम पूरा होने के बाद केवल लंबी दूरी की गाड़ियां इस रूट पर दौड़ेगीं, जिससे मेन लाइन के लोकलट्रेन यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकेगी।

इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट की लागत लगभग 8,087.11 करोड़ रुपये आंकी गई है.। यहपरियोजना जमीन खरीदी और प्रभावितों को बसाने को लेकर लगभग 17 साल से अटकी हुई है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कुर्ला के बीच पांचवीं और छठवीं रेलवे लाइन परियोजना प्रस्तावित है। सेंट्रल रेलवे चूनाभट्टी-कुर्ला और धारावी क्षेत्र में स्वदेशी मिल का स्ट्रक्चर परियोजना में बाधा बना हुआ था। इसकी तोड़क कार्रवाई के लिए बड़ी मशीनें, मैनपावर और उपकरण लगाने समेत दूसरे इंतजाम आखिरी चरण में हैं। साइट पर सुरक्षा के लिए आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी।

मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने 714 परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया है। सेंट्रल रेलवे ने स्वदेशी मिल, कुर्ला और विद्या विहार में जमीन अधिग्रहण का काम पहले ही पूरा कर लिया है। राज्य सरकार के मंत्रिमंडल ने इस साल जनवरी में एमयूटीपी-2 को वित्तीय मंजूरी दी थी। प्रस्तावित परियोजना की लागत 5,300 करोड़ से बढ़कर 8,087.11 करोड़ रुपये हो गई है। एमएमआरडीए ने 646.95 करोड़ रुपये की अतिरिक्त हिस्सेदारी मंज़ूर की है। इससे पहले जुलाई 2025 में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग ने कहा था कि एमयूटीपी-2 की लागत बढ़कर 8,087 करोड़ रुपये हो जाएगी। इस परियोजनामें ट्रैक बढ़ाना, ईएमयू खरीदना, डीसी से एसी में बदलना, स्टेशन सुधार आदि काम शामिल हैं।

सेंट्रल रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार स्वदेशी मिल में तोड़फोड़ का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। सायन ब्रिज के साथ यह काम भी शुरू हो जाएगा। प्रभादेवी ब्रिज के डिजाइन में इसे पहले ही शामिल किया जा चुका है। इससे भविष्य में इस रूट पर कोई रुकावट नहीं आएगी।

इस परियोजना को मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (एमयूटीपी-2) के तहत मंजूरी दी गई थी। इस परियोजना में सबअर्बन रेल सर्विस को लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और माल ढुलाई की गाड़ियों को अलग किया जाएगा। नई पांचवीं और छठवीं लाइन पर केवल मेल,एक्सप्रेस और मालगाड़ियां चलेंगी. मौजूदा दूसरी और चौथी लाइन पूरी तरह से उपनगरीय सेवा के लिए होंगी। मौजूदा समय में सेंट्रल रेलवे की मेन लाइन सीएसएमटी-कुर्ला-कल्याण रूट पर प्रतिदिन करीब 1,820 लोकल ट्रेनें चलती हैं। इनमें लगभग 38 लाख यात्री सफर करते हैं। यह दुनिया का सबसे व्यस्त रेलवे नेटवर्क माना जाता है। परियोजना पूरी होने के बाद 38 लाख लोकल ट्रेन यात्रियों को राहत मिल सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार