पेपर लीक मामलाः सख्त हुई महाराष्ट्र सरकार, केंद्र का कानून होगा लागू
मुंबई, 12 अगस्त (हि.स.)। नीट व यूजीसी सहित अन्य पेपरों के लीक मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त तेवर अपनाया है। उन्होंने केंद्र सरकार का कानून राज्य में लागू करने और शिक्षा के लिए व्यापक नीति बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपने सरकारा आवास वर्षा बंगले पर पर विभिन्न सेवाओं की भर्तियों के परीक्षा सिस्टम का जायजा लिया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षा प्रक्रिया में सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करने का आदेश दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा इस समिति की अध्यक्ष होंगी। इसमें राज्य के पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुपालन विभाग के सचिव डी. एन. रामास्वामी और नाशिक के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम शामिल होंगे। यह समिति हर राजस्व विभाग का दौरा करेगी। छात्रों, शैक्षणिक संस्थान मालिकों और संबंधित पक्षों के साथ चर्चा करेगी और उनकी राय जानेगी। उसके आधार पर राज्य के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जाएगी। राजस्व विभाग स्तर पर विद्यार्थियों से संवाद स्थापित किया जाएगा। राज्य में 25 हजार सुरक्षित क्लासरूम बनाए जाएंगे। बैठक में दूसरे देशों के परीक्षा पैटर्न सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के संबंध में संसद में एक संशोधित विधेयक पारित किया है। महाराष्ट्र में भी एक अलग कानून है। हालांकि केंद्र का नया कानून सख्त है। महाराष्ट्र में इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया अगले दो सप्ताह में पूरी हो जानी चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

