पनवेल को मिलेगी जल संकट से मुक्ति, शिलार डैम समेत कई विकासकार्यों को गति
मुंबई, 09 जुलाई (हि.स.)। पनवेल शहर में बढ़ती पानी की कमी का स्थाई हल निकालने के लिए राज्य सरकार ने शिलार डैम परियोजना सहित कई विकास कार्यों को गति दी है। पनवेल को जल्द पानी संकट से मुक्ति मिलेगी. यह घोषणा गुरुवार को विधान परिषद में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने की।
विक्रांत पाटिल सहित व अन्य सदस्यों ने नियम 97 के तहत पनवेल में पानी की समस्या का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में मंत्री सामंत ने कहा कि पनवेल का जल समस्या को लेकर सरकार सकारात्मक है और शिलार डैम प्रोजेक्ट समेत अलग-अलग वॉटर सप्लाई स्कीमों में तेज़ी लाई जा रही है। पनवेल मनपा को रोजाना 268 मिलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। अभी 204 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो रही है। इस वजह से 64 मिलियन लीटर पानी की कमी हो गई है। इस कमी को पूरा करने के लिए 493 करोड़ रुपये की वॉटर सप्लाई स्कीम का 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस स्कीम से 90 मिलियन लीटर पानी मिलेगा। अभी इस स्कीम से 57 मिलियन लीटर पानी सप्लाई हो रहा है और बाकी काम पूरा होने के बाद पानी की सप्लाई बढ़ जाएगी।
सामंत ने कहा कि शिलार डैम प्रोजेक्ट के जरिए पनवेल मनपा की पानी सप्लाई की योजना बनाई गई है। सरकार भविष्य में पानी की बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाएगी। सरकार शहर में पार्किंग की समस्या पर भी ध्यान दे रही है और मल्टी-लेवल पार्किंग बनाने में सकारात्मक रुख अपनाया है। कुल 454 रिजर्व प्लॉट में से 342 प्लॉट मनपा को ट्रांसफर कर दिए गए हैं। पनवेल में कल्चरल सुविधाओं के विकास में भी तेजी लाई जा रही है। सेक्टर-10 में सोशल हॉल का काम चल रहा है और सेक्टर-13 में सोशल हॉल को प्रशासनिक अनुमति मिल गई है। पुराने पनवेल में एक थिएटर के लिए बिल्डिंग का प्रस्ताव है। कुल 272 सीटों वाला एक मिनी ऑडिटोरियम और 500 सीटों वाला एक मल्टी-पर्पस हॉल बनाया जा रहा है। सरकार इसके ज़रिए पनवेल की कल्चरल विरासत को बचाने और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

