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सड़क पर उतरे पान विक्रेता, मकोका कानून के दुरुपयोग का आरोप

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मुंबई, 14 जुलाई (हि.स.)। महाराष्ट्र के पान दुकान मालिकों व विक्रेताओं ने मकोका कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने मंगलवार को इसके खिलाफ आजाद मैदान में आंदोलन किया और अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) पर ज्यादती का आरोप लगाया।

'महाराष्ट्र पान व्यापारी महासंघ' के नेतृत्व में पान विक्रेताओं ने राज्यव्यापी आंदोलन और विरोध मार्च किया। यह विरोध प्रदर्शन छोटे व्यापारियों के खिलाफ सख्त कानूनों, खास तौर से मकोका कानून और सेक्शन 328 के कथित दुरुपयोग के खिलाफ किया गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस और एफडीए द्वारा छोटे दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। 'जहर या नशीला पदार्थ बेचने ' से संबंधित धारा 328 और संगठित अपराध विरोधी कानून (मकोका ) जैसे अत्यधिक सख्त प्रावधान लगाए जा रहे हैं।

महासंघ के अनुसार, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उनका न्याय प्रणाली में पूरा विश्वास है। इससे पहले हाई कोर्ट ने भी माना था कि ऐसे मामलों में धारा 328 लागू नहीं की जा सकती है। विक्रेताओं ने सरकार से मांग की है कि अगर कुछ उत्पादों पर प्रतिबंध लगाना है तो केंद्र सरकार द्वारा एक समान राष्ट्रीय नीति लागू की जानी चाहिए। केवल महाराष्ट्र के व्यापारियों को निशाना न बनाया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार