तीन साल में कुपोषण से 34 हज़ार से ज़्यादा बालमृत्यू
मुंबई, 26 फरवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र में विकास के दावों के बीच एक चिंताजनक जानकारी सामने आई है। पता चला है कि पिछले तीन वर्षो में कुपोषण के कारण पांच साल से कम उम्र के 34 हज़ार से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है। यह आंकड़ा खुद राज्य सरकार की ओर से विधान परिषद में दिए गए लिखित जवाब में दिया गया है।
राज्य में इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विस स्कीम, न्यूट्रिशनल डाइट स्कीम और हेल्थ चेकअप प्रोग्राम लागू होने के बावजूद कुपोषण नियंत्रण में नाकाम रहने के कारण विपक्ष सरकार की आलोचना कर रहा है। इस बारे में संजय खोडके व अन्य सदस्यों ने सवाल पूछा था। सरकार के लिखित जवाब में कुपोषण की गंभीर स्थिति का आंकड़ा सामने आया है। महिला व बाल कल्याण मंत्री अदिति तटकरे ने अपने लिखित जवाब में जानकारी दी है कि आंगनबाड़ी सेविका हर महीने बच्चों की लंबाई और वजन मापती हैं। संबंधित जानकारी नियमित डिजिटल सिस्टम 'न्यूट्रिशन ट्रैकर' में रिकॉर्ड की जाती है।
किस साल कितने मामले
• मार्च 2023 – तीव्र कुपोषित बच्चे: 80,248 – मध्यम कुपोषित: 2,12,203
• मार्च 2024 – तीव्र कुपोषित बच्चे: 51,475 - मध्यम कुपोषित: 1,66,998
• मार्च 2025 – तीव्र कुपोषित बच्चे: 9,107 – सामान्य कुपोषित: 1,49,617
• दिसंबर 2025 – तीव्र कुपोषित बच्चे: 16,102 – मध्यम कुपोषित: 1,07,489
• जनवरी 2026 – तीव्र कुपोषित बच्चे: 14,660 - मध्यम कुपोषित: 99,275
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

