महाराष्ट्र में छह साल में 30 लाख से ज्यादा लोग कुत्तों के शिकार
मुंबई, 28 फरवरी (हि.स.)। राज्य में आवारा कुत्तों की बढ़ती घटनाओं को लेकर विधान परिषद में गंभीर जानकारी सामने आई है। नगर विकास विभाग की ओर से दिए गए एक लिखित जवाब के मुताबिक, साल 2024 में अकेले मुंबई में कुत्तों के काटने के 1 लाख 28 हज़ार मामले सामने आए थे। वहीं राज्य में पिछले छह वर्षों में कुत्तों के काटने के 30 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं। साफ किया गया कि हर दिन औसतन 1,369 लोगों को कुत्ते काटते हैं।
मुंबई, नागपुर, पुणे और ठाणे जैसे बड़े शहरों समेत पूरे राज्य में बढ़ते कुत्तों के काटने के मामलों को लेकर भाजपा की प्रवीण दरेकर, मनीषा कायंदे और कृपाल तुमाने सहित अन्य सदस्यों ने सवाल पूछा था। ठाणे जिले के दिवा इलाके में एक आवारा कुत्ते के काटने के बाद छह साल की निशा शिंदे को इलाज के लिए कस्तूरबा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उसकी मौत रेबीज की वजह से हो गई थी। इसके जवाब में लिखित जानकारी दी गई है कि जनवरी से नवंबर 2025 तक पुणे में कुत्तों के काटने के 27,466 मामले दर्ज किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के साथ-साथ बस और रेलवे स्टेशनों के पास आवारा कुत्तों के लिए शेल्टर सेंटर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। नगर विकास विभाग ने साफ किया है कि शहर में तीन जगहें चुनी गई हैं। 17 और जगहों की तलाश की जा रही है। रेबीज वैक्सीन की कमी न हो, इसके लिए सावधानी बरती जा रही है। कुत्तों की नसबंदी का कैंपेन भी चलाया जा रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

