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ठाणे मेयर का मानसून में अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश

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मुंबई ,09 जुलाई(हि. स.) । ठाणे शहर में बारिश को देखते हुए, मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के सभी वार्ड कमेटी असिस्टेंट कमिश्नरों की एक अर्जेंट मीटिंग की। बैठक में सभी सहायक आयुक्तों को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया। मेयर ने निर्देश दिया कि हर संबंधित विभाग शहर में किसी भी इमरजेंसी स्थिति पर तुरंत कंट्रोल करने के लिए तैयार रहे और नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी जाए।

“वार्ड के मुख्य अधिकारी के तौर पर सहायक आयुक्त सिर्फ ऑफिस में नहीं बैठेंगे। उन्हें इस बात पर कड़ी नज़र रखनी चाहिए कि उनके वार्ड में क्या हो रहा है, क्या प्रॉब्लम हैं, कहां खतरा हो सकता है। मेयर ने यह भी कहा कि सभी सहायक आयुक्तों के लिए फील्ड में जाकर उस वार्ड के स्थानीय पार्षद के साथ समन्वय रखना ज़रूरी है। अगर कोई हादसा देरी, समन्वय की कमी या लापरवाही से होता है, तो संबंधित अधिकारी की निजी उत्तरदायित्व होगा । उन्होंने यह भी साफ किया कि सभी शिकायतों को उसी दिन हल करने पर ज़ोर दिया गया है, और वह खुद समय-समय पर इंस्पेक्शन करेंगे।

अभी हाल की बारिश ने हालात उजागर कर दिए हैं। बारिश की वजह से शहर में कई जगहों पर पेड़ और टहनियां गिर गई हैं। सड़क किनारे पड़े हरे कचरे को उठाने और लोगों के लिए फुटपाथ खाली करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे ने सभी सहायक आयुक्तों को खतरनाक और जर्जर पेड़ों का सर्वे करके ज़रूरी छंटाई और हटाने का काम तुरंत पूरा करने के भी निर्देश दिए।

संबंधित कार्यकारी अभियंता को बारिश की वजह से बने गड्ढों, खुली नालियों, मैनहोल और पब्लिक टॉयलेट के चैंबरों की तुरंत जांच और मरम्मत करने के आदेश दिए गए। हर वार्ड कमेटी को अपने इलाके में रेगुलर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो।

ठाणे में खतरनाक और बिना इजाज़त वाले होर्डिंग्स का सर्वे करके असुरक्षित होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के आदेश दिए गए। इसके साथ ही, टूटी-फूटी और खतरनाक बिल्डिंग्स की लिस्ट अपडेट करने और संबंधित लोगों को नोटिस जारी करने और ऐसी बिल्डिंग्स के बारे में जनप्रतिनिधियों से जानकारी मिलने पर तुरंत एक्शन लेने के आदेश दिए गए।

बारिश के मौसम में कूड़ा जमा होने और नालियों के जाम होने की घटनाओं को रोकने के लिए सभी खुले कूड़े वाली जगहों का खास इंस्पेक्शन करने और सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बीमारियां फैलने से रोकने के लिए दवा का स्प्रे किया जाए।

गंदे पानी से होने वाली महामारी के खतरे को ध्यान में रखते हुए गंदे पानी की सप्लाई मिलने पर क्लोरीनेशन और प्यूरिफिकेशन की प्रक्रिया को तुरंत लागू करने के भी निर्देश दिए गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा