बीएमसी स्कूलों के निजीकरण का विरोध
मुंबई, 29 मई (हि.स.)। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने मुंबई मनपा आयुक्त अश्विनी भिडे से मुलाकात कर मनपा के स्कूलों के लिए आरक्षित भूखंडों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत देने की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे तत्काल रद्द करने की मांग की है।
अमीन पटेल का आरोप है कि मनपा ने पीपीपी नीति के तहत पांच भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन यह नीति नगर सदन के अस्तित्व में न होने के दौरान बनाई गई थी। इस नीति की शर्तों, मनपा की भूमिका और इससे होने वाले लाभ पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं हुई है। इसे जनप्रतिनिधियों से चर्चा किए बिना जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है। इसमें पारदर्शिता का अभाव है और मनपा को फायदे की बजाय नुकसान हो रहा है। यह आवंटन प्रक्रिया किसके आदेश या अधिकारियों की मिलीभगत से की गई, इसकी जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पांचों भूखंडों का आवंटन तत्काल रद्द किया जाए और नीति पर पुनर्विचार के लिए एक समिति गठित की जाए। साथ ही इस मुद्दे पर सदन में चर्चा करवाकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और शिक्षा विशेषज्ञों की राय से एक सर्वसम्मत नीति बनाई जाए।
पटेल ने कहा कि कई ऐसी संस्थाएं हैं, जो मनपा स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दे रही हैं और उनके दसवीं के परिणाम भी अच्छे हैं। ऐसी संस्थाओं से चर्चा कर मनपा स्कूलों का संचालन उनके माध्यम से कराया जाना चाहिए, जहां स्कूल और उसका नाम बीएमसी का ही रहे। पूरा खर्च इन संस्थाओं द्वारा वहन किया जाए। मूल मुंबईकरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देना मुंबई मनपा की जिम्मेदारी है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार

